उत्तराखंड समाचारक्राइम

नाबालिग बच्ची की शादी रोक कर की स्वजन की काउंसलिंग

बच्ची की उम्र कागजातों में 14 साल है,

देहरादून। बाल विकास परियोजना अधिकारी देहरादून और उनकी टीम ने जीवनगढ़ क्षेत्र में एक नाबालिग बच्ची की शादी रोक कर स्वजन की काउंसलिंग की। समझाया कि बाल विवाह कानूनी अपराध है, अगर काउंसिलिंग के बाद भी बच्ची की शादी कराई तो कानूनी कार्रवाई अमल में लायी जाएगी। बच्ची की उम्र कागजातों में 14 साल है, जबकि स्वजन उसे बालिग बता रहे थे। बाल विकास परियोजना अधिकारी तरुणा चमोला से किसी ने शिकायत की कि जीवनगढ़ क्षेत्र में एक किशोरी की शादी कराई जा रही है, जो कानूनी तौर पर अपराध है। सीडीपीओ टीम के साथ मौके पर पहुंची और बच्ची की उम्र पता करने के बाद स्वजन की काउंसिलिंग की। सीडीपीओ तरुणा चमोला और उनकी टीम ने जब पड़ताल की तो नाबालिग बच्ची की उम्र आंगनबाड़ी केंद्र के रजिस्टर के अनुसार 14 साल थी। स्वजन से जब बच्ची से संबंधित प्रमाण पत्र और आधार कार्ड आदि मांगे तो उन्होंने बताया कि बच्ची के पास कोई आइडी नहीं है। आधार कार्ड भी कहीं खो गया है। परिवार के राशन कार्ड के अनुसार बच्ची की उम्र 13 साल मिली। वहीं, स्वजन उसे 17 साल की बता रहे थे। तीन अलग-अलग उम्र की वजह से ऊहापोह की स्थिति बन गई। सीडीपीओ तरुणा चमोला ने क्षेत्र की आंगनबाड़ी को बच्ची की सही उम्र का पता लगाने के निर्देश दिए। बाल विकास परियोजना अधिकारी चमोला ने बच्ची के स्वजन को समझाया कि बाल विवाह कानूनी अपराध है। किसी भी दशा में नाबालिग बच्ची का विवाह नहीं हो सकता है। सीडीपीओ ने स्वजन से कहा कि यदि बच्ची का विवाह कराया गया तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। टीम में सुपरवाइजर सुमित्रा बिजल्वाण, किरन वर्मा, आंगनबाड़ी कार्यकत्र्ता सुधा, नाजमा आदि मौजूद रहे।

 

 

 

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