उत्तराखंड समाचार

सराय ख्वाजा विद्यालय में नारा लेखन प्रतियोगिता आयोजित

छब्बीस जनवरी उन्नीस सौ पचास को भारतीय संविधान अस्तित्व में आने के साथ साथ राजभाषा नीति भी प्रारंभ हुई।

फरीदाबाद। शिक्षा विभाग के आदेशानुसार राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सराय ख्वाजा फरीदाबाद की जूनियर रेडक्रास, गाइडस और सैंट जॉन एम्बुलेंस ब्रिगेड द्वारा संयुक्त रूप से हिन्दी पखवाड़े के अन्तर्गत प्राचार्य रविन्द्र कुमार मनचन्दा की अध्यक्षता में मातृभाषा हिन्दी के प्रचार और प्रसार के लिए आज नारा लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जूनियर रेडक्रॉस व ब्रिगेड प्रभारी प्राचार्य रविन्द्र कुमार मनचन्दा ने बताया कि एक सितंबर से शुरू हुए इस पखवाड़े में कविता पाठ, व्याकरण आधारित प्रश्नोत्तरी, निबंध लेखन, प्रतियोगिता, नारा लेखन, अंताक्षरी, चित्र व घटना वर्णन, चित्र देखकर कहानी लिखना, स्वरचित कविता लेखन, निबंध लेखन तथा भाषण प्रतियोगिता सहित विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जा रहा है। इस आयोजन में समस्त   विद्यालय प्रधानाचार्य एवम हिंदी विभाग की प्रमुख भूमिका रहने वाली हैं। प्रधानाचार्य रविन्द्र कुमार मनचन्दा ने बच्चों को आज बताया कि छब्बीस जनवरी उन्नीस सौ पचास को भारतीय संविधान अस्तित्व में आने के साथ साथ राजभाषा नीति भी प्रारंभ हुई। संविधान के अनुच्छेद 343 (1) के अंतर्गत यह स्पष्ट किया गया है कि भारत की राजभाषा हिंदी और लिपि देवनागरी है। संघ के शासकीय प्रयोजनों के लिए प्रयोग होने वाले अंकों का रूप देवनागरी लिपि में भारतीय अंकों का  अंतर्राष्ट्रीय रूप है। हिंदी के अतिरिक्त अंग्रेजी भाषा का प्रयोग भी सरकारी कार्य में किया जा सकता है। अनुच्छेद 343 (2) के अंतर्गत यह भी व्यवस्था की गई है कि संविधान के प्रारंभ होने के समय से 15 वर्ष की अवधि तक संघ के सभी सरकारी कार्यों के लिए पूर्व की भांति अंग्रेज़ी भाषा का प्रयोग होता रहेगा। यह व्यवस्था इसलिए की गई थी कि इस समय तक हिन्दी न जानने वाले हिन्दी सीख जायेंगे और हिन्दी भाषा को प्रशासनिक कार्यों के लिए सभी प्रकार से सक्षम बनाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि आज हिन्दी ग्लोबल अर्थात वैश्विक भाषा बन चुकी है हिन्दी भाषा प्रेम और सद्भाव की प्रतीक है हिन्दी भाषा में अन्य भाषाओं के शब्दों को समाहित कर लेने की अद्भुत क्षमता है। प्राचार्य रविन्द्र कुमार मनचन्दा ने बताया कि अभिव्यक्ति का साधन और माध्यम ही भाषा है और विषय चाहे जो भी पढ़ना हो हम भारतवासियों को मातृभाषा हिन्दी में ही  अभिव्यक्ति सरल और सुगम लगी है। प्राचार्य रविन्द्र कुमार मनचन्दा ने कहा कि नारा लेखन प्रतियोगिता एवम अन्य सभी प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पर रहने वाली छात्राओं को हिंदी दिवस पर चौदह सितंबर पर सम्मानित किया जाएगा। प्राचार्य मनचंदा ने सुंदर आयोजन और सहयोग करने पर सभी की प्रशंसा की तथा कॉर्डिनेटर प्राध्यापिका चंदन बिंदु और वरिष्ठ प्राध्यापिका प्रज्ञा मित्तल, राजीव लाल, कैलाश बिष्ट सहित समस्त अध्यापक उपस्थित रहे और उन्होंने सभी  के सुंदर प्रयासों की सराहना की।

 

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button