उत्तराखंड समाचार

गंगा घाटों और नालों पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं: जिलाधिकारी

अधिकारियों ने बताया कि इन क्षेत्रों में लगभग 100 पशुपालकों के 2250 पशु हैं।

हरिद्वार: जिलाधिकारी विनय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला गंगा संरक्षण समिति की बैठक में गंगा संरक्षण से संबंधित विभिन्न बिदुओं पर चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने पशुपालन विभाग और नगर निगम के अधिकारियों से खड़खड़ी, दुर्गानगर, ज्वालापुर आदि क्षेत्रों में पशुपालकों की ओर से गंगा में गोबर आदि बहाने के संबंध में जानकारी ली।

अधिकारियों ने बताया कि इन क्षेत्रों में लगभग 100 पशुपालकों के 2250 पशु हैं। इनमें से कुछ के पास गोबर के निस्तारण की उचित व्यवस्था पाई गई, जबकि कुछ के पास अभी भी उचित व्यवस्था नहीं है। नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि गोबर से उपला आदि बनाने के संबंध में एक संस्था ने नगर निगम से संपर्क किया है, जो गोबर से उपला बनाने का कार्य शीघ्र शुरू करेगी। इसके अतिरिक्त नगर निगम की एक संस्था गोबर को एकत्र करने का कार्य कर रही है। इस पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को कार्य जल्द शुरू कराने के निर्देश दिए। गोबर पानी में बिल्कुल न बहाया जाए। सीसीटीवी कैमरे के संबंध में पूछे जाने पर नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि सभी सीसीटीवी कैमरे अच्छी तरह कार्य कर रहे हैं। कस्साबान नाले के संबंध में पूछे जाने पर अधिकारियों ने बताया कि पहले से स्थिति में सुधार है। इस पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को नाले का प्रतिदिन निरीक्षण कर शाम तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

बैठक में हरिद्वार स्थित विभिन्न घाटों और नालों पर अतिक्रमण के संबंध में चर्चा हुई। इस पर जिलाधिकारी ने सिचाई विभाग के अधिकारियों को एक सप्ताह में जितने भी अतिक्रमण संदर्भित स्थानों पर हुए हैं, उनकी एक सूची तैयार कर एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिला गंगा संरक्षण समिति की बैठक में विभिन्न नालों की सफाई का मुद्दा सामने आया। इस पर मुख्य नगर अधिकारी ने बताया कि आगामी जून माह तक नालों की सफाई का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि कार्य धरातल पर काम दिखे, इसके लिए जियो टैगिग करने के निर्देश दिए। एसटीपी जगजीतपुर से ट्रीटेड सीवेज सिचाई में उपयोग के लिए निर्मित कैनाल की मरम्मत के संबंध में पूछे जाने पर सिचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कैनाल की मरम्मत का कार्य शीघ्र हो जाएगा। निराश्रित पशुओं के उपचार के संबंध में पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस कार्य के लिए राउंड द क्लाक छह डाक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है। बैठक में गंगा नदी पर बने पुलों और अन्य चिह्नित स्थानों पर ऊंची लोहे की जाली लगाने, दूधियाबंद, भूपतवाला, बैरागी कैंप एल प्वाइंट पर पूर्ण विवरणयुक्त सूचना पट्ट स्थापित करने, जिसमें नगर निगम तथा आपदा प्रबंध के संबंधित अधिकारियों का नंबर को स्थापित करने, भीम गौड़ा से हरकीपैड़ी, पोस्ट आफिस से हरकीपैड़ी पर आने वाले चौपहिया वाहनों को रोकने की समुचित व्यवस्था आदि के संबंध में विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। संबंधित विभागों को इस संबंध में यथोचित दिशा-निर्देश दिए गए। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) बीर सिंह बुदियाल, अध्यक्ष श्रीगंगा सभा प्रदीप झा, एमएनए दयानंद सरस्वती, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा. योगेश भारद्वाज, परियोजना प्रबंधक जल निगम आरके जैन, पशु चिकित्सा अधिकारी डा. अशोक कुमार आदि मौजूद रहे।

 

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