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मंत्रालय पूर्वाेत्तर के युवा भारत के स्किल्ड वर्कफोर्स का नेतृत्व करने के लिए तैयार : जयन्त चौधरी

देहरादून। भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं शिक्षा राज्य मंत्री जयन्त चौधरी ने आज गुवाहाटी, असम के गौहाटी विश्वविद्यालय में पूर्वाेत्तर क्षेत्र के लिए इंडियास्किल्स क्षेत्रीय प्रतियोगिता 2025-26 का उद्घाटन किया। इस प्रतियोगिता में पूर्वाेत्तर के आठ राज्यों के युवा 26 स्किल्स में एक-दूसरे के साथ प्रतिस्पर्धा करेंगे। कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई), अपने कार्यान्वयन भागीदार राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एमएसडीसी) के साथ मिलकर, पहली बार भारत की प्रमुख स्किलिंग चैंपियनशिप को पूर्वाेत्तर क्षेत्र में आयोजित कर रहा है। इससे क्षेत्र के युवा प्रतिभाओं को घर के पास ही राष्ट्रीय स्तर की कौशल प्रतियोगिता में भाग लेने का एक मूल्यवान अवसर मिल रहा है।

उद्घाटन समारोह में गौहाटी विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर डॉ. नानी गोपाल महंत, असम सरकार के प्रिंसिपल सेक्रेटरी (आईएएस) ज्ञानेंद्र देव त्रिपाठी, बॉर्डर प्रोटेक्शन एंड डेवलपमेंट डिपार्टमेंट, असम अकॉर्ड इम्प्लीमेंटेशन डिपार्टमेंट, स्किल, एम्प्लॉयमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशिप डिपार्टमेंट और लेबर वेलफेयर डिपार्टमेंट और भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय की संयुक्त सचिव हेना उस्मान के साथ ही स्किलिंग इकोसिस्टम के वरिष्ठ अधिकारी और प्रमुख स्टेकहोल्डर्स शामिल हुए। इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं शिक्षा राज्य मंत्री जयन्त चौधरी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि प्रधानमंत्री का पूर्वाेत्तर क्षेत्र पर निरन्तर फोकस और नीतिगत प्राथमिकताओं ने क्षेत्र के युवाओं के लिए नया आत्मविश्वास और अवसर पैदा किया है। उन्होंने कहा कि इंडियास्किल्स जैसी पहल इस विज़न को पूरा करती हैं, क्योंकि ये राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म को सीधे इस क्षेत्र के युवा टैलेंट तक पहुंचाती हैं।

मंत्री जयन्त चौधरी ने आगे कहा कि, “इंडियास्किल्स सिर्फ़ एक प्रतियोगिता नहीं है, यह उत्कृष्टता, अनुशासन और काम की गरिमा का उत्सव है। पूर्वाेत्तर क्षेत्र में बहुत ज्यादा टैलेंट और आकांक्षाएं हैं और यह प्लेटफ़ॉर्म हमारे विश्वास को दर्शाता है कि इस क्षेत्र के युवा भारत के स्किल्ड वर्कफ़ोर्स का नेतृत्व करने और देश के विकास में सार्थक योगदान देने के लिए तैयार हैं। मंत्री जयन्त चौधरी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुसार फॉर्मल एजुकेशन के साथ स्किलिंग को इंटीग्रेट करने के बढ़ते महत्व पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा और कौशल विकास के बीच बेहतर तालमेल से रोज़गार, उद्यमशीलता और लाइफलॉन्ग लर्निंग के रास्ते खुलते हैं और साथ ही यह युवाओं को तेज़ी से विकसित हो रही अर्थव्यवस्था के लिए भविष्य के लिए तैयार करता है। प्रतिस्पर्धा से परे, यह क्षेत्रीय कार्यक्रम स्किल इंडिया मिशन के तहत पूर्वाेत्तर क्षेत्र में स्किलिंग इकोसिस्टम की लगातार मजबूती को दर्शाता है। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) और राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों (एनएसटीआई) सहित प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीटी) संस्थानों के छात्र लॉन्ग-टर्म वोकेशनल शिक्षा और राष्ट्रीय स्तर के प्रतिस्पर्धी प्लेटफार्मों के बीच बढ़ते संरेखण को प्रदर्शित करते हुए कई कौशल श्रेणियों में भाग ले रहे हैं।

पूर्वाेत्तर क्षेत्रीय प्रतियोगिता में सभी आठ पूर्वाेत्तर राज्यों से 162 प्रतियोगियों ने भाग लिया है, जो मज़बूत क्षेत्रीय भागीदारी और टैलेंट की विविधता को दर्शाता है। इस प्रतियोगिता में ऑटोमोबाइल टेक्नोलॉजी, क्लाउड कंप्यूटिंग, मोबाइल एप्लिकेशन डेवलपमेंट, सॉफ्टवेयर और वेब टेक्नोलॉजीज, डिजिटल इंटरएक्टिव मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक्स, सीएनसी मिलिंग और टर्निंग, वेल्डिंग, इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशन, फैशन टेक्नोलॉजी, बेकरी और पैटिसरी, होटल रिसेप्शन, रेस्टोरेंट सर्विस, हेल्थ और सोशल केयर, रिटेल सेल्स और विजुअल मर्चेंडाइजिंग सहित कई तरह के मॉडर्न और ट्रेडिशनल स्किल एरिया शामिल हैं

प्रतियोगिता में स्किल्स का मिश्रण ऑटोमोबाइल टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक्स, सीएनसी, इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशन और वेल्डिंग जैसे मुख्य टेक्निकल और पारंपरिक रूप से पुरुष-प्रधान ट्रेड में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को दिखाता है। यह मेन्युफैक्चरिंग और सर्विस के साथ डिजिटल कौशल के मजबूत अभिसरण को भी दर्शाता है, जो युवाओं को उद्योग 4.0 से जुड़ी भूमिकाओं के लिए तैयार करता है। इसके साथ ही, हॉस्पिटैलिटी, स्वास्थ्य और रिटेल स्किल्स की उपस्थिति पूर्वाेत्तर के प्रमुख विकास क्षेत्रों, विशेष रूप से टूरिज्म और सर्विस के साथ कौशल प्रयासों के संरेखण को रेखांकित करती है। इंडियास्किल्स जैसे प्लेटफॉर्म क्षेत्रीय प्रतिभा को उद्योग की मांग और राष्ट्रीय विकास प्राथमिकताओं के साथ जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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