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श्री केदारनाथ धाम यात्रा 2026 हेतु सुरक्षा एवं राहत बलों की व्यापक तैनाती

यात्रा के दौरान स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे श्रद्धालुओं को त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

रुद्रप्रयाग। श्री केदारनाथ धाम यात्रा 2026 सुचारु रूप से संचालित हो रही है। बड़ी संख्या में पहुंच रहे श्रद्धालुओं और उच्च हिमालयी विषम परिस्थितियों के बावजूद जिला प्रशासन, पुलिस एवं आपदा प्रबंधन की टीमें दिन-रात यात्रा व्यवस्थाओं को और अधिक सुचारू बनाए रखने में जुटी हुई हैं।
यात्रा के सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित संचालन के लिए प्रशासन द्वारा यात्रा मार्ग के प्रमुख पड़ावों—सोनप्रयाग, गौरीकुण्ड, जंगलचट्टी, भीमबली, छोटी लिनचोली, लिनचोली, रुद्रा प्वाइंट, बेस कैंप, केदारनाथ हेलीपैड तथा केदारनाथ धाम तक सुरक्षा एवं राहत बलों की व्यापक तैनाती की गई है।
जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं बेहतर यात्रा अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से विभिन्न विभागों के कुल 534 से अधिक कार्मिकों को तैनात किया है, जो 24 घंटे सेवाएं दे रहे हैं। इनमें पुलिस विभाग के 224, फायर सर्विस के 11, पुलिस कम्युनिकेशन के 10, एसडीआरएफ के 43, डीडीआरएफ के 7, एनडीआरएफ के 51, होमगार्ड के 33, पीआरडी के 34, यात्री पर्यटन मित्र के 17, खच्चर टास्क फोर्स के 47, आपदा मित्र के 17 तथा वाईएमएफ के 26 कार्मिक शामिल हैं, इसके साथ की पीएसी की 3 प्लाटून तथा 1 सेक्शन भी यात्रा हेतु तैनात की गई है।
इसके अतिरिक्त 14 सेक्टर एवं सब-सेक्टर अधिकारियों की तैनाती कर व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है। जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में यात्रियों की सुरक्षा, आपदा की स्थिति में त्वरित राहत, संचार व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना तथा भीड़ प्रबंधन और यातायात नियंत्रण सुनिश्चित करना शामिल है। यात्रा के दौरान स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे श्रद्धालुओं को त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। राहत एवं बचाव टीमें कठिन परिस्थितियों में भी सक्रिय रहते हुए जरूरतमंदों को अस्पताल, हेलीपैड एवं सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा रही हैं। कई अवसरों पर ये टीमें देवदूत बनकर श्रद्धालुओं की मदद करती नजर आई हैं। जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि यात्रा सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनी रहे।

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