उत्तराखंड समाचार

मरीजों को मिले अच्छा उपचार, कमियों में हो सुधार

स्वास्थ्य निदेशक डा. शैलजा भट्ट मंगलवार को अचानक निरीक्षण को सिविल अस्पताल पहुंची।

रुड़की : स्वास्थ्य निदेशक डा. शैलजा भट्ट मंगलवार को अचानक निरीक्षण को सिविल अस्पताल पहुंची। इससे अस्पताल स्टाफ में अफरातफरी का माहौल हो गया। स्वास्थ्य निदेशक ने अस्पताल की एक-एक व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्हें जो भी कमी नजर आई। उसको चिह्नित कर तत्काल उसमें सुधार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल की अधिकांश व्यवस्था पर संतोष जताया। लेकिन, रजिस्ट्रेशन काउंटर एवं चिकित्सक की ओपीडी के बाहर लगी मरीजों की अव्यवस्थित भीड़ पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि मरीजों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।स्वास्थ्य निदेशक डा. शैलजा भट्ट मंगलवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे सिविल अस्पताल पहुंची। अस्पताल में अचानक स्वास्थ्य निदेशक के आने से अस्पताल में अफरा-तफरी जैसा माहौल हो गया। स्वास्थ्य निदेशक ने सबसे पहले सिविल अस्पताल की इमरजेंसी का निरीक्षण किया। यहां तैनात स्वास्थ्य कर्मियों से उपचार संबंधी कुछ प्रश्न भी पूछे। उन्होंने उनका सटीक उत्तर दिया। इस पर स्वास्थ्य निदेशक ने उनकी सराहना की। इसके बाद वह अस्पताल की डायलिसिस यूनिट में पहुंची। उन्होंने यूनिट को संचालित कर रही संस्था के कर्मियों से बात की। इसके बाद डायलिसिस करा रहे मरीजों के स्वजन से भी व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल का ब्लड बैंक, कोविड वैक्सीनेशन सेंटर भी देखा। इसके बाद वह अस्पताल के रजिस्ट्रेशन काउंटर पर पहुंची। यहां पर काफी भीड़ थी। मरीजों की अस्त व्यस्त लाइन पर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्रेशन में तेजी होनी चाहिए। मरीजों को पर्चे के लिए ज्यादा इंतजार न करना पड़े। इसकी व्यवस्था करें। एक चिकित्सक की ओपीडी के बाहर खड़े बड़ी संख्या में मरीजों को देखा तो उनके बैठने के लिए व्यवस्था करने के निर्देश सीएमएस डा. संजय कंसल को दिए। उन्होंने मरीजों से बात भी की। उनकी समस्याएं भी सुनी। स्वास्थ्य निदेशक ने लेबर रूम, आपरेशन थियेटर, वार्ड, आइसीयू वार्ड और आक्सीजन जनरेशन प्लांट आदि भी देखा। स्वास्थ्य निदेशक डा. शैलजा भट्ट ने बताया कि अस्पताल की अधिकांश व्यवस्था संतोषजनक मिली है। निरीक्षण के दौरान कुछ कमियां भी मिली है। उन्हें चिह्नित कर सीएमएस को अवगत करा दिया गया है। स्टाफ की कमी भी अस्पताल में है। उसको दूर कराने का प्रयास किया जाएगा।

 

 

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