उत्तराखंड समाचार

बाहर का गन्ना खरीदने का आरोप, किसानों ने दिया धरना

चीनी मिल के महाप्रबंधक के आश्वासन पर किसानों ने धरना समाप्त किया।

भगवानपुर: भारतीय किसान यूनियन ने लिब्बरहेड़ी चीनी मिल पर दूसरे राज्यों का गन्ना नकद खरीदने का आरोप लगाते हुए मिल गेट पर धरना दिया। साथ ही आरोप लगाया कि चीनी मिल की ओर किसानों का इडेंट कम दिया जा रहा है। चीनी मिल के महाप्रबंधक के आश्वासन पर किसानों ने धरना समाप्त किया।

गन्ना पर्चियों को लेकर इस समय मारामारी मची हुई है। किसानों का आरोप है कि चीनी मिलें स्थानीय किसानों की उपेक्षा कर रही है। अन्य राज्यों एवं क्षेत्र से नकद गन्ना खरीदा जा रहा है। इस पर शनिवार को भाकियू के कार्यकत्र्ताओं ने लिब्बरहेड़ी चीनी मिल गेट पर धरना दिया। यूनियन के गढ़वाल मंडल अध्यक्ष संजय चौधरी ने कहा कि उत्तम चीनी मिल पिछले काफी दिनों से कम इंडेंट जारी कर रहा है। जिसके कारण किसानों तक पर्याप्त मात्रा में गन्ना पर्ची नहीं पहुंच रही है। किसान अपनी गन्ने की फसल को औने-पौने दामों पर बेचने को मजबूर हो रहा है। जबकि इससे पूर्व समिति में 20 हजार क्विटल का इंडेंट जारी करने का समझौता हुआ था। लेकिन, उत्तम चीनी मिल प्रबंधन के द्वारा इस समझौते को पूरी तरह विफल कर दिया। गढ़वाल मंडल महामंत्री अरविद राठी ने कहा कि उत्तम चीनी मिल प्रबंधन किसानों को ठगने का कार्य कर रहे हैं। इस पर चीनी मिल के महाप्रबंधक अनिल सिंह ने किसानों के आरोपों को सिरे से नकारते हुए कहा कि चीनी मिल नकद गन्ना नहीं खरीद रही है। लगातार इडेंट दिया जा रहा है। उन्होंने किसानों की कुछ मांगे माने जाने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसानों ने धरना समाप्त कर दिया। इस अवसर पर रोहित राणा, बृजपाल सिंह, राजकमल, धर्मेंद्र, संदीप, मनोज, अनुज, हरदीप राठी, कपिल कुमार, दीपक, हरपाल सिंह, सतपाल सिंह और यशपाल आदि लोग मौजूद रहे।

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