उत्तराखंड समाचार

स्वयं संस्था ने दिया इको फ्रेंडली होली मनाने का संदेश

विगत वर्ष कोविड-19 के कारण होली का त्यौहार बहुत सूक्ष्म तरीके से मनाया गया था ।

देहरादून। स्वयं संस्था ने आज अपने ओंकार रोड स्थित कार्यालय में इको फ्रेंडली होली मनाने का संदेश दिया गया। इस अवसर पर संस्था की उपाध्यक्ष श्रीमती मंजू सक्सेना ने अपने उद्बोधन में कहा कि वर्तमान समय में त्योहार मनाने के तरीकों में बहुत अंतर आ गया है। होली के अवसर पर प्रयोग किए जाने वाले रंगों में कॉपर, मरकरी और लैड आदि के यौगिक पाए जाते हैं जो त्वचा के लिए बहुत हानिकारक होते हैं। साथ ही ये पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचाते हैं। इन कृत्रिम रंगों के कारण नेत्र रोग ,त्वचा रोग और एलर्जी भी हो सकती है । इतना ही नहीं यह मिट्टी में रहने वाले सूक्ष्म जीवों को भी नुकसान पहुंचाते हैं। श्रीमती सक्सेना ने बताया कि टेसू, गुलाब ,गेंदा आदि के फूलों को सुखाने के बाद उबालकर इनसे सुंदर प्राकृतिक रंग तैयार किए जा सकते हैं। चुकंदर को पानी में उबालकर भी उससे  सुंदर रंग बनाया जा सकता है। विगत वर्ष कोविड-19 के कारण होली का त्यौहार बहुत सूक्ष्म तरीके से मनाया गया था ।अभी भी इस महामारी का प्रकोप पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। अतः होली के त्योहार को मनाते समय हमें थोड़ी सतर्कता भी बरतनी है ।जहां तक हो सके कोरोना महामारी की गाइड लाइन का पालन करते हुए त्योहार को मनाना चाहिए जिससे हम भी सुरक्षित रहे और दूसरों को भी सुरक्षा मिल सके। इस अवसर पर एक चित्रकला प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया जिसके माध्यम से  छात्र/ छात्राओं ने इको फ्रेंडली होली मनाने का संदेश दिया। सर्वश्रेष्ठ पोस्टर बनाने वाली छात्रा कु० आंचल को पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर श्रीमती नेहा, श्रीमती इंदु चावला, श्री दिनेश चंद्र जोशी, श्रीमती स्नेह जोशी, डॉ० कुसुम रानी नैथानी, श्रीमती कौशल्या, श्रीमती शांति एवं छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।

 

 

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Notice: ob_end_flush(): failed to send buffer of zlib output compression (1) in /home/u661627757/domains/apniavaj.com/public_html/wp-includes/functions.php on line 5464

Notice: ob_end_flush(): failed to send buffer of zlib output compression (1) in /home/u661627757/domains/apniavaj.com/public_html/wp-includes/functions.php on line 5464