डेंगू को लेकर अस्पताल तैयार, बनाया आइसोलेशन वार्ड
शहर व देहात क्षेत्र में पिछले साल डेंगू ने जमकर कहर बरपाया था।

रुड़की: डेंगू की आशंका को लेकर सिविल अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड बना दिया गया है। वहीं, बुधवार को मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने ब्लड बैंक की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। साथ ही प्लेटलेट्स मशीन को भी चेक किया गया ताकि डेंगू पीड़ित मरीजों को प्लेटलेट्स को लेकर कोई दिक्कत न आए।
शहर व देहात क्षेत्र में पिछले साल डेंगू ने जमकर कहर बरपाया था। अकेले रुड़की सिविल अस्पताल में ही करीब 300 डेंगू पीड़ित मरीजों का उपचार हुआ था। मरीजों की संख्या को देखते हुए अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड के साथ 40 बेड का वार्ड भी फुल हो गया था। इसके तहत फिर से डेंगू के मद्देनजर अस्पताल प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। सिविल अस्पताल रुड़की के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. संजय कंसल ने बताया कि अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड बना दिया गया है। यदि कोई डेंगू मरीज आता है। उसे आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया जाएगा। यदि मरीजों की संख्या बढ़ती है तो उसे लेकर भी इंतजाम किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि ब्लड बैंक का भी निरीक्षण किया गया है। ब्लड बैंक में ब्लड सेपरेशन कंपोनेंट यूनिट को देखा गया है। डेंगू के मरीजों को अक्सर प्लेटलेट्स की जरूरत पड़ जाती है। यदि किसी मरीज को प्लेटलेट्स की जरूरत पड़ेगी तो ब्लड बैंक उसे उपलब्ध करा देगा।नगर निगम रुड़की ने डेंगू जागरूकता को लेकर अभियान तेज कर दिया गया है। इसे लेकर 10 टीमें लगाई हैं। ये टीमें घर-घर जाकर शहरवासियों को डेंगू से बचाव के बारे में बता रहे हैं। इसके अलावा डेंगू जागरूकता से संबंधित पर्चे भी बांटे जा रहे हैं। सार्वजनिक स्थलों पर उनको चिपकाया जा रहा है। नगर निगम रुड़की के नगर आयुक्त विजयनाथ शुक्ला ने बताया कि मानसून आने वाला है। बरसात में जमा होने वाले पानी में डेंगू के लार्वा के पनपने का खतरा बना रहता है। इस बात लेकर नगर निगम डेंगू जागरूकता को लेकर अभियान चला रहा है। जागरूकता टीमें प्रतिदिन वार्ड में घर-घर जाकर डेंगू के बारे में बता रही है। कूलर का पानी बदलने के लिए कहा जा रहा है। कहीं यदि आसपास पानी जमा है तो वहां कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करें या निगम को इसकी जानकारी दें।




