वन अनुसंधान संस्थान में आयोजित हुआ योग कार्यक्रम
योगा सत्र में शरीर और दिमाग को तंदुरुस्त रखने के लिए हेल्थ टिप्स भी दिए।

देहरादून। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के 50वें दिवस के अवसर पर वन अनुसंधान संस्थान देहरादून द्वारा प्रातः 08 बजे संस्थान के आफिसर्स क्लब में योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें योग विशेषज्ञ सीपी ओबराय भा.व.से. सेवानिवृत्त पूर्व वन महानिदेशक एवं विशेष सचिव पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली द्वारा योग शिक्षिका श्रीमती रचना गोयल के साथ संस्थान के अधिकारियों/कर्मचारियों को योगाभ्यास करवाया गया। प्रारम्भ में श्रीमती ऋचा मिश्रा भा.व.से. प्रमुख विस्तार प्रभाग ने श्री ओबराय एवं श्रीमती रचना गोयल, डा. रेणु सिंह भा.व.से. निदेशक वन अनुसंघान संस्थान और भारतीय वानिकी अनुसंधान एंव शिक्षा परिषद एवं वन अनुसंधान संस्थान से योग सत्र में भाग लेने वाले अन्य वरिष्ठ अधिकारियों, वैज्ञानिकों और कर्मचारियों का स्वागत किया। तत्पश्चात उन्होंने श्री ओबराय से योगाभ्यास कराने का अनुरोध किया। श्री ओबराय और श्रीमती गोयल ने स्वास्थ्य के लिए लाभकारी विभिन्न प्राणायामों और आसनों के बारे में जानकारी दी और स्वयं प्राणायाम का प्रदर्शन किया साथ ही उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने भी उनके साथ प्राणायाम किया। उन्होंने योगा सत्र में शरीर और दिमाग को तंदुरुस्त रखने के लिए हेल्थ टिप्स भी दिए। तत्पश्चात सभी प्रतिभागियों द्वारा मंत्री भूपेन्द्र यादव पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली के ऑनलाईन संबोधन का श्रवण किया गया। मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि योग धर्म से जुड़ा नहीं है अपितु यह शरीर और दिमाग को फिट रखने के लिए जीवनशैली का एक तरीका है और मनुष्य के जीवन को अधिक अनुशासित और संतुलित बनाता है। उन्होंने उल्लेख किया कि सरकार का उद्देश्य ‘‘सर्वे भवन्तु सुखिना, सर्वे संतु निरामया’’ है। कार्यक्रम में सभी उप महानिदेशक, सहायक महानिदेशक, सचिव, भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद, निदेशक, वन अनुसंधान संस्थान एवं परिषद तथा संस्थान के वैज्ञानिकों/अधिकारियों सहित 50 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया।



