आपका शहरउत्तर प्रदेश समाचारखबर हटकरताज़ा ख़बरेंदेशन्यूज़सोशल मीडिया वायरल

एनिमेशन सेंटर में भीषण आग : 15 मौतों की पुष्टि

कोचिंग पढ़ने व एनीमेशन कोर्स करने वाले 15 बच्चों की जलकर मौत

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में सोमवार को अलीगंज क्षेत्र के पुरनिया में एक एनिमेशन सेंटर में भीषण आग लग गई। आग लगने के बाद बिल्डिंग में धुआं भर गया। इससे अंदर मौजूद छात्रों में भगदड़ मच गई। कई छात्रों ने जान बचाने के लिए ऊंचाई से छलांग लगा दी। इससे वह घायल हो गए। केजीएमयू की ओर से 15 मौतों की पुष्टि की गई है। मौके पर डीजीपी राजीव कृष्ण और प्रमुख सचिव संजय प्रसाद भी पहुंच गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर दुख जताया है।
अलीगंज स्थित एक बिल्डिंग में आग लगने से कोचिंग पढ़ने व एनीमेशन कोर्स करने वाले 15 बच्चों की जलकर मौत हो गई। कई बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए हैं। जान बचाने के लिए चार-पांच बच्चे बिल्डिंग से कूदने से गंभीर रूप से घायल हैं। सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अलीगढ़ का दौरा छोड़कर वापस लौट आए और घटनास्थल का मुआयना किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए जान गंवाने वाले बच्चों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है। उधर रक्षामंत्री एवं राजधानी के सांसद राजनाथ सिंह भी लखनऊ के लिए रवाना हो गए हैं। बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर पेट शॉप है। उसके ऊपर पहली मंजिल पर पेट शॉप मालिक ने वेयरहाउस बना रखा था। दूसरी मंजिल पर थ्री-डी एनीमेशन का कोर्स चलता है। साथ ही वहां 12वीं तक के बच्चों की कोचिंग भी चलती थी। पुलिस के मुताबिक दोपहर करीब ढाई बजे वेयरहाउस में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी विकराल थी कि बिल्डिंग से सभी लोग बाहर नहीं निकल पाए। चंद मिनटों में आग पूरी बिल्डिंग में फैल गई। दूसरी व तीसरी मंजिल पर मौजूद बच्चे भीतर ही फंस गए। सूचना पर पहुंची पुलिस और दमकल टीम के साथ एसडीआरएफ ने रेस्क्यू शुरू किया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। करीब दो घंटे चले रेस्क्यू के दौरान 15 शव बाहर निकाले गए। वहीं कई झुलसे बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनमें से कई की हालत गंभीर है। हादसे के वक्त मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अलीगढ़ में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। सूचना मिलते ही वह सभा छोड़ तुरंत वापस लौट आए। उनके निर्देश पर प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद, डीजीपी राजीव कृष्ण, डीजी फायर सुजीत पांडेय, पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र सेंगर समेत तमाम अधिकारी मौके पर पहुंचे। देर शाम तक राहत-बचाव कार्य जारी था। आग इतनी भीषण थी कि आसपास मौजूद लोगों के लिए भीतर जाना संभव नहीं था। दमकल को पहुंचने में भी काफी समय लग गया। ऊपर फंसे बच्चे चीख-पुकार कर रहे थे और बाहर मौजूद लोग बेबस थे। इस बीच एक के बाद एक चार-पांच बच्चों ने छलांग लगा दी। इनमें एक बच्चा नीचे लगी ग्रिल पर गिर गया, जिसकी सरिया उसके पेट में धंस गई। सभी घायलों को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। आसपास के लोगों में घटना को लेकर काफी आक्रोश था। उनका कहना था कि हादसे के करीब 40 मिनट बाद दमकल की टीम पहुंची। तब तक आग पूरी बिल्डिंग को चपेट में ले चुकी थी। जब आग पर काबू पाया गया, तब तक सब कुछ जलकर राख हो चुका था। राजधानी में दमकल के इतनी देर से पहुंचने पर सवाल खड़े हो रहे हैं। बिल्डिंग से बाहर निकलने का दूसरा रास्ता तक नहीं था। तीनों तरफ अन्य इमारतें बनी हैं। स्पष्ट है कि बिल्डिंग अवैध है। यही वजह है कि आग लगने पर वहां फंसे लोगों को बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं मिला। वहां फंसे पांच-छह लोग किसी तरह खिड़की का कांच तोड़कर बाहर निकले।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Notice: ob_end_flush(): failed to send buffer of zlib output compression (1) in /home/u661627757/domains/apniavaj.com/public_html/wp-includes/functions.php on line 5464

Notice: ob_end_flush(): failed to send buffer of zlib output compression (1) in /home/u661627757/domains/apniavaj.com/public_html/wp-includes/functions.php on line 5464