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एसएसपी देहरादून की सख्ती से ठग बाबा पहुंचा सलाखों के पीछे

पूजा पाठ के नाम पर आभूषण ठगने वाला ठग बाबा आया दून पुलिस की गिरफ्त में

देहरादून। अनिष्ट होने का भय दिखाकर पूजा पाठ के नाम पर आभूषण ठगने वाले ठग बाबा को दून पुलिस ने गिरफ्तार कर अभियुक्त के कब्जे से घटना में ठगा गया लगभग 15 तोला सोना व 05 लाख की नकदी बरामद हुई हैं। अभियुक्त द्वारा स्वंय लोगों के घरों पर जादू टोने से जुडी सामग्री की पोटली फेंककर उन्हें अनिष्ट होने का भय दिखाया जाता था। अनिष्ट को दूर करने के लिये अनुष्ठान के नाम पर मोटी रकम वसूल की जाती थी। अभियुक्त द्वारा तंत्र-मंत्र व अंधविश्वास का सहारा लेकर ही सेलाकुई निवासी महिला से भी आभूषणों की ठगी की थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार विगत 31 मई को श्रीमती ओशीन गुंरग पत्नी अनीश गुरुग निवासी शहीद किशन थापा मार्ग सेलाकुई देहरादून द्वारा थाना सेलाकुई पर एक शिकायती प्रार्थना पत्र विपक्षी महन्त राहुल थापा पुत्र गिरीश थापा निवासी तेलपुरा अटक फॉर्म सेलाकुई, देहरादून, उम्र 34 वर्ष के विरुद्ध दिया गया, जिसमें श्रीमती ओशीन गुंरग द्वारा बताया गया कि ढाई माह पूर्व राहुल थापा द्वारा तंत्र-मंत्र, डर व अंधविश्वास का सहारा लेकर उनके तथा उनके परिजनों के साथ कुछ अनिष्ट होने का विश्वास दिलाते हुए उसे दूर करने के लिये उनके घर पर अनुष्ठान करने की बात कही गई तथा पूजा पाठ व अनुष्ठान के नाम पर धोखाधडी से उनका 65 तोला सोना गायब कर दिया। प्राप्त प्रार्थना पत्र की जांच के दौरान प्रथमदृष्टया तथ्यों की पुष्टि होने पर 09 जून को थाना सेलाकुई पर: मुकदमा अपराध सख्या-76/2026 धारा-305(ए)/318(4) बीएनएस 2023 बनाम महन्त राहुल थापा पंजीकृत किया गया। घटना की गम्भीरता के दृष्टिगत उसके अनावरण हेतू वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) आईपीएस प्रमेंद्र डोबाल के निर्देशों पर थाना सेलाकुई पर 02 अलग-अलग टीमों का गठन किया गया। गठित पुलिस टीम द्वारा अभियोग की विवेचना के दौरान प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर अभियोग में नामजद अभियुक्त राहुल थापा पुत्र श्री गिरीश थापा निवासी तेलपुरा अटक फॉर्म सेलाकुई देहरादून को पूछताछ हेतु हिरासत में लिया गया, जिससे सख्ती से पूछताछ करने पर उसके द्वारा वादिनी से धोखाधडी कर उक्त आभूषणों को गायब करने की बात स्वीकार की गई। जिस पर पुलिस टीम द्वारा अभियुक्त को मौके से गिरफ्तार करते हुए उसकी निशानदेही पर वादिनी से धोखाधडी कर प्राप्त किये गये आभूषणों को गलाकर बनाये गये 150 ग्राम के बिस्कुटनुमा बार व आभूषणों को बेचकर प्राप्त किये गये 05 लाख रूपये की नगदी बरामद की गई।
पूछताछ में अभियुक्त द्वारा बताया गया कि वह अपने परिवार के साथ तेलपुरा अटकफार्म सेलाकुई में रहता है तथा वर्ष 2013 से पण्डिताई का काम कर रहा है। वह लोगो का भविष्य देखता है तथा माता की चौकी लगाता है। कई बार उसके द्वारा बताई गई बातें सच होने पर लोगों द्वारा उसके एवज में उसे अच्छी धनराशि दी जाती है, जिससे उसका खर्चा चलता है। विगत कुछ समय से ज्यादा पैसे कमाने के लालच में उसने एक योजना बनाई जिसमें वह अपने अमीर शिष्यों के घर जाकर रात्रि में चुपचाप से घर के बाहर एक पोटली में जादू-टोने का सामान फंेक देता तथा अगले दिन उन्हें फोन कर रात्रि में सपना आने की बात कहते हुए उनके घर पर किसी व्यक्ति द्वारा जादू टोना करने का विश्वास दिलाते हुए पूजा अनुष्ठान के नाम पर मोटी धनराशि वसूलता था। ओशीन गुंरग, जिसे वह काफी समय से जानता है तथा वह उसकी दूर की रिश्तेदार भी हैं। उसे जानकारी थी कि वह अपने परिवार की इकलौती बेटी है तथा उसे जानकारी थी कि उसके पास काफी कीमती आभूषण हैं, जिन्हें देखकर उसके मन में लालच आ गया था तथा उक्त आभूषणों को प्राप्त करने के लिये उसके द्वारा एक योजना बनाई तथा योजना के मुताबिक 01 मार्च 2026 की रात्रि लगभग 23:00 बजे वह अपनी स्कूटी से ओशिन गुरंग के शहीद किशन थापा मार्ग सेलाकुई देहरादून स्थित घर पहुंचा तथा घर के बाहर एक काले कपड़े के अंदर बंधी हुई पोटली उसने गेट के अंदर फेंक दी, जिसमें उड़द की दाल, रोली, लॉन्ग, नींबू का टुकड़ा तथा अन्य सामग्री थी उसके पश्चात अगली सुबह 02 मार्च 2026 को उसके द्वारा ओसिन गुरुंग को फोन कर बताया कि उसे आभास हुआ है कि उनके घर में किसी ने बहुत बड़ा टोना टोटका किया हुआ है तथा उसे बाहर गेट के पास जाने को कहा जहां उसने पहले से ही काले रंग के कपडे में उक्त पोटली को फेका था। ओसिन गुरूंग ने वीडियो कॉल कर उसे उक्त काले कपड़े की पोटली दिखाई, जिसे देखकर अभियुक्त ने महिला को उक्त पोटली को खोलने तथा थोडी देर में खुद उसके घर आने की बात कही गई। महिला के घर पहुंचकर अभियुक्त ने उसे घर में अनिष्ट होने का भय दिखाते हुए उसे दूर करने के लिये पूजा अनुष्ठान करने तथा अनुष्ठान के लिये लगने वाली सामग्री नोट करवाई साथ ही अनुष्ठान के लिये एक संदूक भी लाने को कहा। अनुष्ठान के दौरान अभियुक्त ने उक्त महिला से उसके तथा उसकी माताजी के सारे आभूषण एक पोटली में बांधकर उक्त संदूक में रखने को कहा तथा आभूषणों के साथ तीन नारियल, कुछ चावल व फूल उक्त संदूक में रख दिये तथा उक्त महिला व उसकी माता को कुछ चावल के दाने देकर छत की परिक्रमा के लिये भेज दिया तथा मौका देखकर संदूक में रखे आभूषण बाहर निकालकर संदूक को बंद कर दिया। पूजा समाप्त होने के पश्चात अभियुक्त द्वारा उक्त संदूक को मन्दिर में रखने तथा 62 दिन बाद स्वंय आकर खोलने की बात कही गई थी तथा संदूक से निकाले गये आभूषणों को अभियुक्त अपने साथ चोरी छिपे ले गया था।
राजधानी देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) आईपीएस प्रमेंद्र डोबाल ने बताया की चूंकि उक्त घटना लगभग तीन माह पुरानी थी व उपरोक्त बरामदगी के सम्बन्ध में पुलिस के पास काफी चुनौतियां थी व मुकदमा उपरोक्त में अब तक हुई बरामदगी के अतिरिक्त शेष आभूषणों की बरामदगी के लिये अभियुक्त का पीसीआर लेकर अतिरिक्त प्रयास किये जायेगें। उक्त अभियोग में पुलिस द्वारा घटना से जुडे सभी पहलुओं पर विस्तृत विवेचना की जा रही है। साथ ही अभियुक्त राहुल थापा के अपराध करने के तरीके, पूर्व में उसके द्वारा की गई घटनाओं व उसके सहयोगियों के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की जा रही है। भविष्य मे अभियुक्त से जुडे जो भी तथ्य प्रकाश मे आएंगे उन्हें विवेचना मे शामिल किया जायेगा।

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