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दून पुलिस की गिरफ्त में शातिर जालसाज

अभियुक्त के विरूद्ध जनपद के विभिन्न थानों में गैगस्टर सहित भूमि धोखाधडी के 02 दर्जन से अधिक अभियोग पंजीकृत हैं।

देहरादून। भूमि बेचने के नाम पर ठगने वाला शातिर जालसाज दून पुलिस की गिरफ्त में आ गया हैं। भूमि धोखाघडी में वांछित चल रहे 20 हजार के ईनामी अभियुक्त सहित 02 अभियुक्तों को दून पुलिस ने गिरफ्तार किया हैं। अभियुक्तों द्वारा पीडित को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर किसी अन्य की भूमि विक्रय कर 30 लाख रू. की धोखाधडी की थी। अभियुक्त जनपद के अन्य थानो में पंजीकृत भूमि धोखाधडी के अभियोगो में भी वांछित चल रहा था। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार ईनामी अभियुक्त शातिर किस्म का अपराधी है, जो पहाड के भोले-भाले लोगो विशेषकर फौजियों तथा अन्य राज्यों में रहने वाले उत्तराखण्ड मूल के व्यक्तियों को अपने झांसे में लेकर भूमि धोखाधडी की घटनाओं को अंजाम। अभियुक्त के विरूद्ध जनपद के विभिन्न थानों में गैगस्टर सहित भूमि धोखाधडी के 02 दर्जन से अधिक अभियोग पंजीकृत हैं।
भूमाफियाओ व संगीन अपराधो में संलिप्त अपराधियों के विरूद्ध प्रभावी वैधानिक कार्यवाही हेतु एसएसपी देहरादून द्वारा सभी अधीनस्थों को दिये हैं निर्देश प्राप्त जानकारी के अनुसार विगत 15 अक्टूबर 2025 को वादी श्री विक्रम सिहं पुत्र श्री फूल चन्द निवासी मकान नंबर 135 विकास लोक, लेन न. 3 सहस्त्रधारा रोड अधोईवाला, देहरादून द्वारा थाना रायपुर पर लिखित तहरीर दी कि 01- अभय कुमार पुत्र केशव सिंह निवासी 83/5 राजेन्द्र नगर गली न. 10 लेन न. 1 कौलागढ रोड देहरादून, 02- प्रदीप सकलानी पुत्र श्री भूदेव सकलानी निवासी ग्राम पुजार गांव सत्यों सकलाना, टिहरी गढ़वाल हाल पता निवासी लार्ड कृष्णाग्रीन बी-ब्लाक फ्लैट न503 केदारपुरम दून यूनिवर्सिटी देहरादून 03- अजय सजवाण पुत्र नामालूम निवासी ग्राम बझेत मालदेवता रायपुर देहरादून द्वारा ग्राम सौंडा सरोली, परगना परवादून, जनपद देहरादून स्थित भूमि के फर्जी दस्तावेज तैयार करते हुए उक्त भूमि को अपने किसी परिचित की बताते हुए उन्हें उक्त भूमि को विक्रय करने के नाम पर उनसे 30 लाख रू0 की धोखाधडी की गई। लिखित तहरीर के आधार पर थाना रायपुर में मुकदमा अपराध संख्या 326/2025 धारा 318(4)/338/336(3)/340(2)/61 बीएनएस पंजीकृत किया गया। अभियोग की विवेचना के दौरान प्रकाश में आया कि अभियुक्तों द्वारा वादी को उक्त भूमि अपने किसी परिचितों की बताते हुए स्वंय को उक्त भूमि विक्रय करने हेतु अधिकृत बताया गया था तथा एक विक्रय अनुबंध पत्र तैयार कर वादी से रूपये 30,00,000/- बयाने के तौर पर प्राप्त किये गये तथा अभियुक्तो द्वारा जिन व्यक्तियों को उक्त भूमि का स्वामी बताया गया था वे उसके वास्तविक स्वामी नहीं थे तथा भूमि के वास्तविक स्वामियों द्वारा अभियुक्तों को भूमि विक्रय हेतु कोई अधिकार प्रदान नहीं किया गया था। विवेचना के दौरान अभियुक्तों द्वारा भूमि पर फर्जी अधिकार दर्शाकर कूटरचित अनुबन्ध पत्र का प्रयोग करते हुए वादी से धोखाधड़ी कर धनराशि प्राप्त करना प्रकाश में आया। साथ ही वादी द्वारा अपनी धनराशी वापस मांगने पर अभियुक्तों द्वारा उसे दिये गये चैकों के भी बाउंस होने की जानकारी मिली, अभियोग पंजीकृत होने के बाद से ही धोखाधडी का मुख्य अभियुक्त प्रदीप सकलानी अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिये लगातार फरार चल रहा था। जिसकी गिरफ्तारी पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा 20 हजार रूपये का ईनाम घोषित किया गया था। वर्तमान में प्रचलित आपरेशन प्रहार के तहत एसएसपी देहरादून द्वारा सभी अधीनस्थों को वांछित/ईनामी अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये हैं। जिसके क्रम में ईनामी अभियुक्त प्रदीप सकलानी की गिरफ्तारी हेतु थाना रायपुर पर पुलिस टीम गठित की गयी। गठित पुलिस टीम द्वारा सुरागरसी पतारसी करते हुए अभियुक्त के सम्बन्ध में मैनवली जानकारी एकत्रित की गयी तो पुलिस टीम को सूचना मिली कि अभियुक्त प्रदीप सकलानी की एकता विहार डालनवाला में एक प्रोपर्टी को बेचने को लेकर कुछ लोगों से बातचीत चल रही है। जिस पर पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए प्राप्त सूचना के आधार पर 21 मई 2026 को धोखाधडी में वांछित चल रहे ईनामी अभियुक्त प्रदीप सकलानी व अभियोग में नामजद एक अन्य अभियुक्त अजय सजवाण को एकता कालोनी डालनवाला देहरादून से गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त से पूछताछ में उसके द्वारा बताया गया कि वह देहरादून में अलग-अलग स्थानों पर किराये पर रह रहा था तथा पुलिस से बचने के लिये हर 02 या 03 माह में अपना ठिकाना बदल देता था। गिरफ्तार अभियुक्त प्रदीप सकलानी बेहद शातिर किस्म का अपराधी है, जो पहाड के भोलेे-भाले लोगों विशेषकर फौजियों या अन्य राज्यो में रहने वाले उत्तराखण्ड मूल के व्यक्तियों को स्वंय के भी पहाडी मूल का होने तथा उन्हे देहरादून में सस्ते दामों में जमीन दिलवाने का प्रलोभन देकर अपने विश्वास में लेता था तथा उन्हें किसी अन्य की भूमि को दिखाते हुए उसे अपनी या अपने किसी परिचित की बताकर उसे विक्रय करने के एवज में उनसे मोटी धनराशी लेकर धोखाधडी करता था। अभियुक्त के विरूद्ध जनपद के विभिन्न थानों में भूमि धोखाधडी के 27 अभियोग पंजीकृत हैं तथा अभियुक्त थाना नेहरू कालोनी में पंजीकृत भूमि धोखाधडी के 03 अन्य अभियोगों जिसमें अभियुक्त द्वारा अलग-अलग व्यक्तियों से 03 करोड रूपये से अधिक की धोखाधडी की थी, में भी वांछित चल रहा था। अभियुक्त तथा उसके साथियों के भूमि धोखाधडी के अपराध में लगातार लिप्त रहने पर उनके विरूद्ध पूर्व में थाना नेहरू कालोनी तथा बसन्त विहार में गैंगस्टर एक्ट के तहत भी अभियोग पंजीकृत किये गये थे। अभियुक्त के विरूद्ध राज्य के विभिन्न न्यायालयों में एनआईएक्ट के 02 दर्जन से अधिक वाद लम्बित हैं।

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