मालाबार गोल्ड एंड डायमंड्स की 200 करोड़ रुपये की सीएसआर पहल का उद्घाटन

देहरादून । दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा रिटेल ज्वेलरी समूह और एक जिम्मेदार ज्वेलरी ब्रांड, मालाबार गोल्ड एंड डायमंड्स ने आज वित्त वर्ष 2026–27 के लिए कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) के तहत 200 करोड़ रुपये के योगदान की घोषणा की। यह कार्यक्रम नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित किया गया, जिसमें केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल उपस्थित रहे |
इस सीएसआर पहल के तहत केंद्रीय मंत्री ने देशभर की 33,000 छात्राओं के लिए शैक्षणिक छात्रवृत्ति वितरण का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मालाबार समूह के चेयरमैन एम.पी. अहमद, इंडिया ऑपरेशंस के प्रबंध निदेशक ओ. अशर, कार्यकारी निदेशक निशाद ए.के. और अब्दुल्ला इब्राहिम, केरल हाउस के रेजिडेंट कमिश्नर पुनीत कुमार (आईएएस), प्रथम के सीईओ रुक्मिणी बनर्जी और थानल के चेयरमैन डॉ. इदरीस सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि मालाबार चैरिटेबल ट्रस्ट की पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से भारत की बेटियों को सशक्त बनाने के विज़न के अनुरूप हैं।
उन्होंने कहा कि “मलाबार गोल्ड एंड डायमंड्स द्वारा सीएसआर के तहत 200 करोड़ रुपये आवंटित करने का निर्णय देश की प्रगति को और सुदृढ़ करेगा।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत की विकास यात्रा उसके लोगों—विशेषकर महिलाओं और बालिकाओं—के सशक्तिकरण पर आधारित है, और शिक्षा के माध्यम से सार्थक परिवर्तन लाने के लिए कंपनी के प्रयास सराहनीय हैं। उन्होंने छात्रों और युवाओं को बड़े सपने देखने, सीमाओं से आगे बढ़ने और भारत द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे व्यापक अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया, साथ ही उन्हें देश की विकास यात्रा में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
मालाबार समूह के चेयरमैन एम.पी. अहमद ने कहा कि “मानव संसाधन विकास राष्ट्रीय प्रगति की रीढ़ है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से प्रतिभा का विकास अत्यंत आवश्यक है। यह छात्रवृत्ति कार्यक्रम विद्यार्थियों को शैक्षणिक सफलता हासिल करने और देश के विकास में योगदान देने में सक्षम बनाता है। उन्होंने यह भी कहा कि समूह दीर्घकालिक और स्थायी सामाजिक प्रभाव पैदा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
वर्ष 2026-27 के दौरान 19 राज्यों के 3,000 से अधिक स्थानों पर 15 प्रमुख सीएसआर परियोजनाएं लागू की जाएंगी, जिससे 2 लाख से अधिक लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
इन पहलों में शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिसके लिए 114 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसमें सड़क पर रहने वाले बच्चों के लिए सूक्ष्म शिक्षण केंद्र और छात्राओं के लिए राष्ट्रीय छात्रवृत्ति कार्यक्रम शामिल हैं। ‘हंगर फ्री वर्ल्ड’ परियोजना के तहत खाद्य वितरण के लिए 30 करोड़ रुपये, स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 14.2 करोड़ रुपये और ‘ग्रैंडमा होम’ जैसी आवास परियोजनाओं के लिए 25 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा, 6.8 करोड़ रुपये अन्य मानवीय गतिविधियों और 10 करोड़ रुपये पर्यावरण संरक्षण के लिए आवंटित किए गए हैं। मालाबार समूह की 33वीं वर्षगांठ के अवसर पर इस वर्ष 18 राज्यों के 284 जिलों की 33,000 छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। स्थापना के बाद से अब तक इस कार्यक्रम से 1,15,000 से अधिक छात्राएं लाभान्वित हो चुकी हैं। सभी सीएसआर गतिविधियां मालाबार चैरिटेबल ट्रस्ट के माध्यम से संचालित की जाती हैं।
सड़क पर रहने वाले बच्चों के पुनर्वास के लिए, मालाबार गोल्ड एंड डायमंड्स ने देश के 17 राज्यों में ‘प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन’ के सहयोग से 1,543 सूक्ष्म शिक्षण केंद्र स्थापित किए हैं। इस वर्ष इनकी संख्या बढ़ाकर 2,500 करने का लक्ष्य है, जिससे विद्यार्थियों की संख्या 64,000 से बढ़कर 1 लाख होने की उम्मीद है। ‘हंगर फ्री वर्ल्ड’ परियोजना के तहत भारत, जाम्बिया और इथियोपिया में प्रतिदिन 1,15,000 लोगों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। अन्य सीएसआर पहलों में ‘ग्रैंडमा होम’ परियोजना शामिल है, जो जरूरतमंद महिलाओं को मुफ्त आवास और देखभाल प्रदान करती है, तथा मलाबार-थानल फार्मेसियां, जो गरीबों को रियायती दरों पर दवाइयां उपलब्ध कराती हैं। मालाबार गोल्ड एंड डायमंड्स का संचालन पर्यावरण, सामाजिक और प्रशासनिक (ईएसजी) सिद्धांतों पर आधारित है। स्थापना के बाद से कंपनी अपने शुद्ध व्यापारिक लाभ का 5 प्रतिशत सीएसआर गतिविधियों पर खर्च करती रही है। ये पहले महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण पर केंद्रित हैं, जो ‘प्रथम’ और ‘थानल’ जैसे गैर-सरकारी संगठनों के सहयोग से संचालित की जाती हैं। इन प्रयासों से अब तक भारत में 18 लाख से अधिक लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।




