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4 लाख से ज़्यादा लोगों तक एकीकृत प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा पहुँचाने की पहल

देहरादून । एचडीएफसी बैंक ने अपने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) कार्यक्रम ‘परिवर्तन’ के ज़रिए ‘स्माइल फाउंडेशन’ के साथ साझेदारी करके उत्तरी भारत के कुछ दूरदराज के समुदायों में 8 मोबाइल मेडिकल केयर यूनिट (एमसीयू) शुरू की हैं, जिनसे लगभग 4 लाख लोगों को लाभ मिलेगा। इस कार्यक्रम के तहत जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पंजाब और उत्तराखंड राज्यों में कुल आठ एमसीयू तैनात की जाएँगी।
एचडीएफसी बैंक परिवर्तन अपने ‘स्वास्थ्य और स्वच्छता’ (हेल्थकेअर एंड हाइजीन) पिलर के तहत प्राथमिक और निवारक स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच को बेहतर बनाने के लिए काम करता है। यह पहल भौगोलिक रूप से दूरदराज और संसाधनों की कमी वाले समुदायों पर केंद्रित है। पहाड़ी इलाकों, जहाँ ऊबड़-खाबड़ ज़मीन, संसाधनों की कमी और मौजूदा व्यवस्थाओं पर ज्यादा दबाव के कारण सेवाएँ पहुँचाना मुश्किल हो सकता है, वहाँ समय पर इलाज हमेशा आसानी से उपलब्ध नहीं होता। ये एमसीयू इसी कमी को सीधे तौर पर दूर करने के लिए डिज़ाइन की गई हैं।
हर एमसीयू प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की पूरी श्रृंखला प्रदान करेगी। इसमें ओपीडी परामर्श, जाँच और मुफ्त दवाएं शामिल हैं। रेफरल सेवाएं मरीजों को पीएचसी और सीएचसी से जोड़ेंगी। गर्भवती महिलाओं को प्रसव-पूर्व और प्रसव-पश्चात देखभाल मिलेगी। बच्चों को विकास की निगरानी (ग्रोथ मॉनिटरिंग) का लाभ मिलेगा। वयस्कों की हाइपरटेंशन, मधुमेह और एनीमिया की जांच की जाएगी। स्कूली स्वास्थ्य शिविरों में स्वच्छता, पोषण और मासिक धर्म स्वास्थ्य को शामिल किया जाएगा तथा स्वास्थ्य शिक्षा सत्र समुदायों में स्थायी निवारक आदतें विकसित करेंगे। यह कार्यक्रम अप्रैल 2026 में शुरू होगा और मार्च 2028 तक चलेगा। लॉन्च कार्यक्रम में सभी 8 एमसीयू को भी लाया गया जिसमें इस प्रोजेक्ट की जानकारी दी गई और एचडीएफसी बैंक तथा स्माइल फाउंडेशन के नेतृत्व द्वारा मुख्य भाषण दिए गए।
इस पहल के बारे में बात करते हुए एचडीएफसी बैंक की सीएसआर हेड, नुसरत पठान ने कहा, एचडीएफसी बैंक में, हमारा मानना है कि अच्छा स्वास्थ्य ही मज़बूत समुदायों की नींव है। उत्तरी भारत के कई दूरदराज के इलाकों में अच्छी क्वालिटी की स्वास्थ्य सेवाएं सबसे कमजोर लोगों की पहुँच से बाहर हैं। स्माइल फाउंडेशन के साथ इस साझेदारी के ज़रिए, हम उन लोगों तक सीधे तौर पर एकीकृत प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचा रहे हैं जिन्हें इनकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत है। यह पहल ‘परिवर्तन’ की अंतिम छोर तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने और जिन समुदायों की हम सेवा करते हैं उनके प्रति गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।”
इस साझेदारी के बारे में बात करते हुए ‘स्माइल फाउंडेशन’ के सह-संस्थापक और कार्यकारी ट्रस्टी शांतनु मिश्रा ने कहा, हमें एचडीएफसी बैंक के साथ इस साझेदारी पर गर्व है, जिसके ज़रिए हम समुदायों के दरवाज़े तक एकीकृत प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचा रहे हैं। किसी भी समुदाय की भलाई और समृद्धि सुनिश्चित करने में स्वास्थ्य सेवाएँ एक अहम कारक बनी हुई हैं। इस सार्थक साझेदारी के ज़रिए हम समुदायों तक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने के अपने नए प्रयासों को और मज़बूत कर रहे हैं और इस तरह सरकार के मिशन में अपना योगदान दे रहे हैं।
इस लॉन्च कार्यक्रम में इंडियन काउंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक अध्यक्ष मेजर जनरल (डॉ. प्रो.) अतुल कोटवाल, नेशनल हेल्थ सिस्टम्स रिसोर्स सेंटर के सलाहकार और प्रमुख- सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रशासन डॉ. के. मदन गोपाल और नेशनल हेल्थ सिस्टम्स रिसोर्स सेंटर की वरिष्ठ सलाहकार डॉ. प्रियंका शेनॉय सहित कई गणमान्य मेहमान शामिल हुए। लॉन्च के मौके पर एचडीएफसी बैंक के क्षेत्रीय प्रमुख (रिटेल ब्रांच बैंकिंग)- संजीव कौशिक, ज़ोनल प्रमुख (नार्थ एवं ईस्ट) कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी- आशीष श्रीवास्तव, क्षेत्रीय प्रमुख (नार्थ) कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी- अर्पणा कुमारी और क्षेत्रीय प्रमुख (नार्थ) कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी- अरविंद सिंह भी शामिल थे।
इस कार्यक्रम के लिए स्माइल फाउंडेशन सभी मोबाइल क्लिनिक यूनिट (एमसीयू) कार्यों का प्रबंधन करेगा। इसमें एमबीबीएस डॉक्टरों की तैनाती, आईसीएमआर के प्रोटोकॉल का पालन, टेक्नोलॉजी-आधारित प्रगति की निगरानी और लाभार्थियों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं से जोड़ना शामिल है। यह पहल राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप है जिनमें एसडीजी-3 (अच्छा स्वास्थ्य और खुशहाली), एनपी-एनसीडी फ्रेमवर्क और ‘एनीमिया मुक्त भारत’ मिशन शामिल हैं। इस पहल के अलावा एचडीएफसी बैंक का ‘परिवर्तन’ पूरे भारत में स्वास्थ्य सेवा कार्यक्रमों को लगातार अपना सहयोग देता आ रहा है। बैंक ने ‘रामकी फाउंडेशन’ और ‘टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल’ जैसे संस्थानों के साथ साझेदारी की है, जिससे सामुदायिक स्वास्थ्य और भलाई के प्रति इसकी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता और मज़बूत हुई है। ‘परिवर्तन’ एचडीएफसी बैंक का मुख्य कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) कार्यक्रम है, जो छह मुख्य क्षेत्रों, ग्रामीण विकास, शिक्षा को बढ़ावा, कौशल विकास व आजीविका में सुधार, स्वास्थ्य सेवा व स्वच्छता, वित्तीय साक्षरता व समावेशन और पर्यावरणीय स्थिरता में विकास पहलों को आगे बढ़ाता है।

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