मेगा आरआईएसए – देहरादून में रीजनल इन्वेस्टर सेमिनार फॉर अवेयरनेस स्मार्ट निवेश – सुरक्षित भविष्य की ओर

देहरादून। द नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ़ इंडिया लिमिटेड (एनएसई) और नेशनल सिक्योरिटीज़ डिपॉजिटरी लिमिटेड (एनएसडीएल) ने सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ़ इंडिया (सेबी) के मार्गदर्शन में आज उत्तराखंड के देहरादून में मेगा रीजनल इन्वेस्टर सेमिनार फॉर अवेयरनेस (मेगा आरआईएसए) का सफल आयोजन किया। इस सेमिनार का उद्देश्य लोगों की वित्तीय समझ बढ़ाना, निवेशकों को जागरूक और सुरक्षित बनाना, वित्तीय और शेयर बाज़ार से जुड़ी सही जानकारी देना, तथा धोखाधड़ी से बचाव के बारे में निवेशकों को सशक्त करना था।
मेगा आरआईएसए का आयोजन अन्य प्रमुख मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर संस्थानों (एमआईआई) बीएसई, एमएसई, सीडीएसएल, एमसीएक्स, एनसीडीईएक्स और एएमएफआई के सहयोग से किया गया। इस कार्यक्रम में 800 से अधिक वर्तमान और संभावित निवेशकों ने भाग लिया। इस पहल के तहत समाज के विभिन्न वर्गों के लोग एक मंच पर एकत्र हुए, जिनमें सरकारी विभागों के प्रतिनिधि, पुलिस व सशस्त्र बलों के सदस्य, डॉक्टर, एंटरप्रेन्योर्स, प्रोफेशनल्स और छात्र शामिल थे।
इस कार्यक्रम में सेबी के कार्यकारी निदेशक सुनील कदम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने संबोधन में सुनील कदम ने फाइनेंशियल लिटरेसी और इन्वेस्टर प्रोटेक्शन को लेकर सेबी की अटूट प्रतिबद्धता पर जोर दिया। उन्होंने तेजी से बदलते बाजार परिवेश में समझदारी से और सोच-समझकर निवेश निर्णय लेने के महत्व को रेखांकित किया। कदम ने उपस्थित लोगों को ठगों और धोखाधड़ी करने वालों से सतर्क रहने की भी सलाह दी। उन्होंने कहा कि निवेशकों को स्वयं पूरी जांच-पड़ताल करनी चाहिए और केवल सेबी-पंजीकृत मध्यस्थों के माध्यम से ही निवेश व ट्रेडिंग करनी चाहिए। इस सेमिनार में देहरादून के चीफ डेवलपमेंट ऑफिसर अभिनव शाह ने विशिष्ट अतिथि के रूप में भाग लिया।
इस सेमिनार को सेबी की चीफ जनरल मैनेजर दीप्ति अग्रवाल से महत्वपूर्ण और रणनीतिक मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। साथ ही एनएसई के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अविष्कार नाइक तथा अन्य मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अपने महत्वपूर्ण विचार साझा किए।
मेगा आरआईएसए की हाइलाइट्स और विशेषज्ञ सहभागिता
मेगा आरआईएसए के अंतर्गत सेबी की चीफ जनरल मैनेजर दीप्ति अग्रवाल का मुख्य भाषण हुआ। उन्होंने सिक्योरिटीज मार्केट्स में धोखाधड़ी और स्कैम से बचाव विषय पर प्रस्तुति दी। इसके अलावा, ष्मनी मैटर्सरू फाइनेंशियल प्लानिंग फॉर फाइनेंशियल फ्रीडम विषय पर एक फाइनेंशियल प्लानिंग सेशन भी आयोजित किया गया, जिसमें समझदारी से निवेश और बेहतर वित्तीय भविष्य के लिए उपयोगी जानकारी साझा की गई। इन्वेस्टर प्रोटेक्शन के प्रति जागरूकता को और मजबूत करने के लिए सेबी, एनएसई तथा अन्य मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर संस्थानों द्वारा विशेष स्टॉल लगाए गए। इन स्टॉल्स के माध्यम से निवेशकों को मौके पर ही मार्गदर्शन, जानकारी और सहायता प्रदान की गई। उत्तराखंड में बढ़ता निवेशक आधार दिसंबर 2025 तक उत्तराखंड में लगभग 13.2 लाख पंजीकृत निवेशक हैं, जो भारत के कुल पंजीकृत निवेशकों का करीब 1 प्रतिशत है। केवल दिसंबर महीने में ही राज्य में 16,000 से अधिक नए निवेशक पंजीकृत हुए, जो उस महीने के कुल नए पंजीकरण का लगभग 1.1 प्रतिशत है। इसके साथ ही, व्यक्तिगत निवेशकों के टर्नओवर में महीने-दर-महीने लगभग 9 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो बढ़कर 10 हजार करोड़ से अधिक हो गई। हालांकि इक्विटी एयूएम अभी भी कुछ राज्यों तक सीमित है, लेकिन उत्तराखंड में निवेशकों की बढ़ती भागीदारी एक सकारात्मक और उत्साहजनक संकेत देती है।
यह सब बातें इस बात को स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं कि मेगा आरआईएसए जैसे लक्षित जागरूकता कार्यक्रमों की बेहद आवश्यकता है, ताकि निवेश के लिए तैयार, जागरूक और धोखाधड़ी से सुरक्षित निवेशक समुदाय का निर्माण किया जा सके। सेबी की सक्रिय भूमिका सेबीवीएसस्कैम जैसे अभियानों के माध्यम से सेबी लगातार जन-जागरूकता, डिजिटल शिक्षा और रणनीतिक साझेदारियों के जरिए निवेशकों को सशक्त बनाने का कार्य कर रहा है। देहरादून में मेगा आरआईएसए का सफल आयोजन निवेशक संरक्षण और जागरूकता के प्रति सेबी की इसी निरंतर प्रतिबद्धता का प्रमाण है।



