उत्तराखंड समाचार

अस्पताल के बाहर एंबुलेंस चालकों का धरना प्रदर्शन

कांग्रेस प्रत्याशी नगर निगम रुड़की के पूर्व महापौर यशपाल राणा धरना स्थल पर पहुंचे।

रुड़की: निजी अस्पताल के चिकित्सक पर मारपीट करने का आरोप लगाते हुए एंबुलेंस चालकों ने तीसरे दिन सिविल अस्पताल के बाहर धरना प्रदर्शन किया। पूर्व महापौर एवं कांग्रेस प्रत्याशी यशपाल राणा के हस्तक्षेप के बाद चिकित्सक व एंबुलेंस चालकों के बीच समझौता हो गया। इसके बाद चालकों ने अपना धरना वापस ले लिया है।

भारत नगर निवासी एंबुलेंस चालक शाकिर व रुड़की हास्पिटल के संचालक डा. सर्वेश कुमार दुबे के बीच तीन दिन पहले किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। एंबुलेंस चालक का आरोप था कि चिकित्सक ने उससे मारपीट की है। जबकि चिकित्सक ने एंबुलेंस चालक पर अभद्रता का आरोप लगाया था। दोनों ही पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ गंगनहर कोतवाली में तहरीर दी थी। मंगलवार को इस मामले में कार्रवाई न होने से नाराज एंबुलेंस चालकों ने पहले गंगनहर कोतवाली और फिर चिकित्सक के निजी अस्पताल में प्रदर्शन किया था। बुधवार को मामले में कार्रवाई न होने से नाराज एंबुलेंस चालक सिविल अस्पताल गेट के समीप धरने पर बैठ गए। मामले की जानकारी पाकर रुड़की विधान सभा के कांग्रेस प्रत्याशी व नगर निगम रुड़की के पूर्व महापौर यशपाल राणा धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने एंबुलेंस चालकों की पूरी बात सुनी। इसके बाद चिकित्सक डा. सर्वेश दुबे से बात की। उन्होंने डा. सर्वेश दुबे को भी धरना स्थल पर बुला लिया। दोनों पक्षों के बीच पूर्व महापौर यशपाल राणा ने बातचीत कराकर समझौता करा दिया। जिसके बाद एंबुलेंस चालकों ने अपना धरना प्रदर्शन वापस ले लिया। इस मौके पर डा. संगीता अग्रवाल, सुभाष सैनी, सुनील कुमार, मनीष कुमार, अर्जुन, सुमित, रविद्र कुमार, तौफीक आदि मौजूद रहे।

 

 

 

 

 

 

 

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