उत्तराखंड समाचार

डॉक्टर आचार्य सुशांत राज

माघ पूर्णिमा के दिन स्नान के बाद दान करने से 32 गुना फल प्राप्त होता है।

देहरादून। डॉक्टर आचार्य सुशांत राज ने जानकारी देते हुये बताया की माघी पूर्णिमा को लेकर शास्त्रों में कहा गया है कि इस दिन स्वयं भगवान विष्णु गंगा नदी में निवास करते हैं। इसलिए इस दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व है। इस दिन गंगा घाट पर उत्सव जैसा माहौल होता है। कहा जाता है कि माघ पूर्णिमा के दिन स्नान के बाद दान करने से 32 गुना फल प्राप्त होता है। इसलिए इसे बत्तीसी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। इस बार माघी पूर्णिमा 16 फरवरी को मनाई जाएगी।

 

 

 

 

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