उत्तराखंड समाचार

कोरोना काल के दौरान पूरी दुनिया ने आयुर्वेद के महत्व को समझा

हजारों वर्षों के बाद भी उनका ज्ञान हम सभी के लिए आज भी बहुत उपयोगी है

देहरादून, 17 नवम्बर। राजभवन ऑडिटोरियम में आयुर्वेद एवं मर्म चिकित्सा पर आयोजित सेमिनार में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। आयुष एवं आयुष शिक्षा विभाग और आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय के सहयोग से आयोजित इस सेमिनार को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि योग, आयुर्वेद और मर्म जैसी भारतीय चिकित्सा पद्धतियां हमारी अनमोल धरोहर हैं। हजारों वर्षों के बाद भी उनका ज्ञान हम सभी के लिए आज भी बहुत उपयोगी है। राज्यपाल ने कहा कि हमें योग, आयुर्वेद और मर्म को जीवन का आधार बनाना होगा। इससे हम देश को स्वस्थ और मजबूत बनने में सक्षम होंगे।राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखण्ड की इस भूमि पर आयुर्वेद एवं मर्म न केवल उत्तराखण्ड को अपितु पूरे देश और विदेश से आने वाले लोगों को स्वस्थ और सुखी बना सकता है। कोरोना काल के दौरान पूरी दुनिया ने आयुर्वेद के महत्व को समझा। उन्होंने कहा कि हमें उत्तराखण्ड को योग, आयुर्वेद और मर्म चिकित्सा की राजधानी बनाने के लिए बड़े कदम उठाने होंगे। इसका प्रचार-प्रसार करना होगा जिससे स्वस्थ समाज और विश्व की परिकल्पना साकार हो सके। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में होमस्टे के साथ-साथ वेलनेस सेंटर पर फोकस करना होगा। आयुर्वेद एवं मर्म चिकित्सा का संदेश सभी स्तरों पर फैले इस पर हमें गंभीरता से विचार करने होंगे। सेमिनार में आयुर्वेद एवं मर्म चिकित्सा की उपयोगिता पर अपना संबोधन देते हुए आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो० सुनील कुमार जोशी एवं अहमदाबाद, गुजरात से आये वैद्य हितेन वाजा ने कहा कि आयुर्वेद का उद्देश्य स्वस्थ व्यक्ति के स्वास्थ्य की रक्षा और रोगी व्यक्ति के रोग का निवारण करना है। आयुर्वेद के उद्देश्य की पूर्ति में मर्म चिकित्सा का आयुर्वेद में अत्यन्त महत्वपूर्ण स्थान है। हजारों लोग बिना धन और समय व्यर्थ किये स्वास्थ्य लाभ ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में लोग आयुर्वेद, मर्म चिकित्सा और योग के महत्व को समझने और स्वीकार करने लगे हैं। आयुर्वेद, मर्म चिकित्सा द्वारा रोगों का निवारण और स्वास्थ्य संवर्धन सम्भव है।सेमिनार में प्रथम महिला श्रीमती गुरमीत कौर सहित आयुष विभाग के अधिकारी, आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय सहित विभिन्न कॉलेजों के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Notice: ob_end_flush(): failed to send buffer of zlib output compression (1) in /home/u661627757/domains/apniavaj.com/public_html/wp-includes/functions.php on line 5464

Notice: ob_end_flush(): failed to send buffer of zlib output compression (1) in /home/u661627757/domains/apniavaj.com/public_html/wp-includes/functions.php on line 5464