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दिवाली पर बन रहा शुभ संयोग : डॉक्टर आचार्य सुशांत राज

24 अक्टूबर को मनाया जाएगा दिवाली का पर्व

देहरादून। डॉक्टर आचार्य सुशांत राज ने बताया की हिंदू धर्म में दिवाली का काफी अधिक महत्व है। दीपावली के महापर्व में मां लक्ष्मी के साथ-साथ कुबेर भगवान को प्रसन्न करने के लिए विभिन्न तरह से पूजा करने के साथ उपाय करते हैं। दिवाली के दिन विधिवत तरीके से पूजा की जाती है। इस साल दिवाली में काफी खास संयोग बन रहा है। अमावस्या तिथि 24 अक्टूबर को शाम 5 बजकर 27 मिनट से शुरू होकर 25 अक्टूबर शाम 4 बजकर 18 मिनट तक रहेगी।दिवाली का पर्व 24 अक्टूबर, सोमवार को मनाया जाएगा। क्योंकि 25 अक्टूबर को सूर्य ग्रहण पड़ रहा है। पंचांग भेद से 25 अक्टूबर को भी अमावस्या रहेगी। दिवाली के दिन रात के समय लक्ष्मी पूजन करने का विधान है। इसलिए 24 अक्टूबर को ही महालक्ष्मी की पूजा की जाएगी।
दिवाली के दिन पूरे घर को दीयों से सजाया जाता है. शास्त्रों में दिवाली के दिन दीये जलाने को को विशेष महत्व दिया जाता है. आज दीपावली भारत में रहने वाले हर इंसान के लिए एक अहम त्योहार है. दिवाली का पर्व को प्रकाश का उत्सव माना जाता है. इस पर्व में दीये जलाने का बहुत महत्व होता है. दिवाली में मुख्य रूप से दीये जलाने का प्रचलन है. दिवाली के दिन दीपक जलाना न सिर्फ एक प्रथा है बल्कि इसे घर के सदस्यों के लिए भी शुभ माना जाता है. त्रेतायुग में जब भगवान राम माता सीता और लक्ष्मण सहित 14 वर्षों का वनवास पूरा करके लौटे थे. उस दिन कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि थी. अयोध्या वासियों ने उनके आने की खुशी में उनके रास्ते में पक्तियों में दीप जलाए थे. माना जाता है कि दिवाली पर दीये जलाने से भगवान गणेश और माता लक्ष्मी प्रसन्न होते हैं और अपना आशीर्वाद प्रदान करते हैं. शास्त्रों में भी इस बात का वर्णन किया गया है कि दीए जलाने से घर में शुभता आती है और वातावरण में भी सकारात्मकता बनी रहती है. पौराणिक मान्यता के अनुसार कार्तिक माह की अमावस्या को समुद्र मंथन से मां लक्ष्मी प्रकट हुई थीं जिन्हें भगवान विष्णु की अर्धांगिनी होने के साथ धन, वैभव, ऐश्वर्य व सुख समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. दिवाली में मुख्य रूप से माता लक्ष्मी के स्वागत के लिए दीप जलाए जाते हैं ताकि अमावस्या की रात के अंधकार के में दीपो से वातावरण रौशन हो जाए. दीपावली की रात पहला दीया लक्ष्मी पूजा के दौरान जलाएं.
3 राशि वालों पर रहेगी मां लक्ष्मी की विशेष कृपा :- हिंदू पंचांग के अनुसार हर वर्ष कार्तिक अमावस्या तिथि पर दीपावली का त्योहार मनाया जाता है। दिवाली का पर्व सुख-समृद्धि और संपदा प्रदान करना माना जाता है। इस बार दिवाली 24 अक्तूबर को मनाई जाएगी और दिवाली पर ऐसा शुभ योग बनने जा रहा है जिससे कारण कुछ राशि के लोगों का भाग्योदय होने के अच्छे संकेत हैं। पूरा वर्ष इन राशि के जातकों के लिए दीपावली धन-दौलत और समृद्धि प्रदान करने वाली होगा। दिवाली के दिन अभिजीत मुहूर्त और वैधृति योग का शुभ संयोग बनेगा। ज्योतिष शास्त्र में इस संयोग का विशेष महत्व होता है। सभी 12 राशियों में 3 राशियां ऐसी होंगी जिस पर इस शुभ संयोग का ज्यादा प्रभाव देखने को मिलेगा। इन 3 राशि के लोगों पर मां लक्ष्मी की विशेष कृपा रहेगी।
सिंह राशि
दिवाली पर बना अभिजीत मुहूर्त और वैधृति योग सिंह राशि के लोगों को अच्छा फल देगा। नौकरी में अच्थी ग्रोथ की संभावना है। आपको कार्यक्षेत्र में कोई नई जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है जिसको आप अच्छी तरह स निभाएंगे। शुक्र और शनि ग्रह की विशेष कृपा आपके ऊपर रहने वाली होगी। निवेश से भविष्य में अच्छी पूंजी को एकत्रित करने में कामयाब रहेंगे। भाग्य का साथ मिलने से कोई बड़ा सौदा कम कीमत में मिल सकता है।
तुला राशि
तुला राशि के जातकों के लिए इस बार की दिवाली बहुत ही शुभ और कल्याणकारी रहने वाली होगी। इस राशि के जातकों के लिए अभिजीत मुहूर्त और वैधृति का संयोग बहुत ही शुभ देने वाला होगा। भाग्य का साथ मिलने के कारण हर एक कार्य में अच्छी सफलता और धन लाभ होगा। आप पिछले कई महीनों से कोई प्रापर्टी खरीदने की सोच रहे हैं वह सौदा दिवाली के बाद पूरा होगा। नौकरीपेशा लोग किसी दूसरी नौकरी का ऑफर स्वीकार कर सकते हैं जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पहले के मुकाबले अच्छी रहेगी। व्यापार करने वाले जातक अच्छा मुनाफा और बिजनेस को विस्तार को देने में कामयाब होंगे।
मकर राशि
इस राशि के जातकों के लिए दिवाली पर बना अभिजीत मुहूर्त और वैधृति योग किसी तरह के वरदान से कम नहीं होगा। नौकरी में प्रमोशन और आय में बढ़ोत्तरी के अच्छे संकेत दिखाई दे रहे हैं। इस राशि के लोग जो कारोबार में हैं उनके लिए सालभर अच्छा मुनाफा होगा। वहीं जिन जातकों की आर्थिक स्थिति कुछ महीनों से अच्छी नहीं चल रही है अब उनके अच्छे दिन शुरू हो जाएंगे। प्यार और रोमांस में आपको अच्छे पलों की प्राप्ति होगी। रूका हुआ धन वापस मिलेगा जिससे आपका मन बहुत ज्यादा प्रसन्न रहेगा क्योंकि इस रकम का इंतजार आपको वर्षों से था। धन लाभ के नए-नए साधन प्राप्त होंगे। साझेदारी के लिए समय अच्छा रहेगा।
दिवाली पर ऐसा जरूर करें :-
सबसे पहले घर में दीपक जलाएं। इसके बाद एक दीपक लेकर घर के प्रवेश द्वार पर खड़े होकर आकाश की ओर दिखाएं। मान्यता है कि आश्विन मास में धरती पर आने वाले पितरों को दीपक द्वारा धरती से प्रस्थान का मार्ग दिखाना चाहिए। इससे पितृ प्रसन्न होकर अपने-अपने लोक लौट जाते हैं। इसके बाद ही घर से बाहर या देवालयों में दीपक जलाएं।

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