शव कंधे पर रखकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
मौके पर पहुंचे तहसीलदार ने शीघ्र रास्ते की मरम्मत कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीण शांत हुए।

chamoli .सेंती गांव में एक महिला की मृत्यु होने पर ग्रामीण शवदाह के लिए शव कंधे पर रखकर नंदानगर बाजार पहुंचे लेकिन यहां पैतृक श्मशान घाट के रास्ते की मरम्मत न होने पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों ने मौके पर ही शव के साथ शासन-प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने कहा कि यह रास्ता वर्ष 2013 की आपदा के बाद से ही क्षतिग्रस्त पड़ा है। जगह-जगह क्षतिग्रस्त रास्ते से वे शव को लेकर घाट तक जान जोखिम में डालकर पहुंच रहे हैं। मौके पर पहुंचे तहसीलदार ने शीघ्र रास्ते की मरम्मत कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीण शांत हुए।
वर्ष 2013 की आपदा के दौरान नंदानगर बस स्टेशन से श्मशान घाट तक का रास्ता बह गया था। तब से लेकर आज तक रास्ते की मरम्मत नहीं हो पाई है। ग्रामीण लगातार शासन-प्रशासन से रास्ते के सुधारीकरण की मांग कर रहे हैं, लेकिन सिर्फ आश्वासन ही मिल रहे हैं। रविवार रात को सेंती गांव में एक महिला की मृत्यु हो गई। सोमवार सुबह ग्रामीण शवदाह के लिए नंदानगर बाजार तक पहुंचे लेकिन बस स्टेशन से श्मशान घाट जाने वाले रास्ते को देखकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने शव के साथ ही बस स्टेशन पर शासन-प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। विजय प्रसाद, नंदा बल्लभ, बदरी प्रसाद जगदीश, राकेश चंद्र, प्रकाश, मोहन, रामेश्वर, हरि प्रसाद, मथुरा, देवी आदि का कहना है कि ग्राम पंचायत उस्तोली, फाली, सेंती, सरपानी और नंदानगर बाजार क्षेत्र का श्मशान घाट यही है। घाट तक जाने में कई लोग चोटिल हो जाते हैं। इन दिनों नदी का जलस्तर भी बढ़ा हुआ है, जिससे ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शासन-प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। सूचना मिलने पर तहसीलदार राकेश चंद्र देवली भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि रास्ते के निर्माण के लिए निजी भूमि की आवश्यकता है। भू-स्वामी से वार्ता करने पर रास्ते की व्यवस्था कर दी जाएगी। इसके बाद ग्रामीण शांत हो गए और घाट पर शव का अंतिम संस्कार किया गया।




