उत्तराखंड समाचार

तीन विधायकों-मंत्री को हाईकोर्ट ने थमाया नोटिस

16 मामलों की सूची ही शपथ पत्र में दी है।

नैनीताल। हाईकोर्ट नैनीताल ने कैबिनेट मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल समेत चार नव निर्वाचित विधायकों से उनका चुनाव निरस्त करने को लेकर दायर याचिकाओं पर जवाब पेश करने को कहा है। ऋषिकेश, मंगलौर और लोहाघाट विधानसभा क्षेत्रों से पराजित उम्मीदवारों को भी जवाब दाखिल करने के आदेश कोर्ट ने दिए हैं।

बसपा विधायक से चुनाव निरस्त करने की याचिका पर मांगा जवाब: न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की एकलपीठ ने चुनाव निरस्त करने की याचिका पर मंगलौर से जीते बसपा विधायक सरवत करीम अंसारी और इस सीट से चुनाव लड़े सभी उम्मीदवारों से जवाब देने को कहा है।

मामले की अगली सुनवाई सात जून को होगी। याचिका दायर करने वाले कांग्रेस उम्मीदवार काजी निजामुद्दीन ने अंसारी पर शपथ पत्र में तथ्य छुपाने, संपत्ति का सही ब्योरा नहीं देने और पत्नी की आय और इनकम टैक्स का ब्योरा गलत  पेश करने का आरोप लगाया है। अंसारी के शैक्षणिक प्रमाण पत्र भी गलत बताए गए हैं।

निर्दलीय विधायक उमेश कुमार के निर्वाचन को चुनौती: न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की एकलपीठ ने खानपुर से निर्दलीय विधायक चुने गए उमेश कुमार के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए उनसे चार हफ्ते में जवाब दाखिल करने को कहा है। देवकी कलां लक्सर निवासी वीरेंद्र कुमार ने उमेश कुमार पर शपथ पत्र में तथ्य छिपाने का आरोप लगाया है। याचिका में उमेश कुमार के खिलाफ न्यायालयों में विचाराधीन 29 आपराधिक मामलों की सूची देते हुए कहा है कि उन्होंने केवल 16 मामलों की सूची ही शपथ पत्र में दी है। उन पर वोटरों को प्रभावित करने के लिए पुलिस के साथ मिलकर पैसे बांटने का आरोप भी लगाया गया है।

कोष से धन बांटने पर मंत्री प्रेमचंद से जवाब मांगा

न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ ने ऋषिकेश के विधायक और शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल से चुनाव के दौरान विवेकाधीन कोष से पैसे निकालकर डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से लोगों को बांटे जाने के मामले में छह हफ्ते के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है। ऋषिकेश निवासी जयेंद्र रमोला ने यह याचिका दाखिल की है। कोर्ट ने ऋषिकेश सीट से पराजित उम्मीदवारों से भी जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 25 मई को होगी।

लोहाघाट विधायक और सीईओ जवाब दें

न्यायमूर्ति रविंद्र मैठाणी की एकलपीठ ने लोहाघाट के विधायक खुशाल सिंह और मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखंड, डिस्ट्रिक्ट रिटर्निंग ऑफिसर, हारे हुए उम्मीदवारों को नोटिस जारी कर छह सप्ताह में जवाब पेश करने को कहा है। लोहाघाट सीट से पराजित प्रत्याशी पूरन सिंह फत्र्याल ने विधायक का चुनाव निरस्त करने की याचिका दायर की।

कहा है कि खुशाल सिंह ने नामांकन 24 जनवरी को करवाया और शपथ पत्र 28 जनवरी को बनाकर जमा किया है। यह भी कहा गया है कि विधायक प्रथम श्रेणी के सरकारी ठेकेदार भी  हैं, जिनके वर्तमान समय में दस से अधिक ठेके चल रहे हैं। निर्वाचित हो जाने के बाद भी उन्होंने नियम विरुद्ध 31 मार्च को सरकारी ठेका लिया है।

 

 

 

 

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