अच्छी स्वास्थ्य सेवाएँ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचनी चाहिए: लोक सभा अध्यक्ष
लोक सभा अध्यक्ष ने नासिक में अशोका हेल्थ सिटी का उद्घाटन किया

नई दिल्ली
अच्छी स्वास्थ्य सेवाएँ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल देते हुए लोक सभा अध्यक्ष, श्री ओम बिरला ने आज कहा कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सरकार और निजी संस्थानों को मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने नासिक, महाराष्ट्र में ‘अशोका हेल्थ सिटी’ का उद्घाटन करते हुए ये विचार व्यक्त किए।
श्री बिरला ने कहा कि नासिक आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक जागृति तथा अद्भुत साहस और पराक्रम की धरती है और बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक, पवित्र त्र्यंबकेश्वर महादेव मंदिर समाज को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करता है, कष्ट-पीड़ा सहन करने का सामर्थ्य देता है और जनकल्याण की दिशा में हमारा मार्गदर्शन करता है। इस क्षेत्र की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि संत ज्ञानेश्वर महाराज और संत तुकाराम महाराज की शिक्षाएँ आज भी समाज को प्रेरित कर रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज का शौर्य और वीरता देश के युवाओं को निरंतर प्रेरणा दे रही है और उन्हें दिशा प्रदान कर रही है ।
भारत में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की आवश्यकता के बारे में अपने विचार व्यक्त करते हुए श्री बिरला ने कहा कि भारत सरकार सभी के स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी स्वस्थ जीवन शैली को प्रोत्साहित करते आए है और आज योग दुनिया भर के लोगों की दिनचर्या का एक अभिन्न अंग बन गया है। उन्होंने एक स्वस्थ और निरोगी जीवन जीने के लिए योग और पर्यावरण के अनुकूल जीवन शैली को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
श्री बिरला ने कहा कि भारत सरकार ने देश की स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार किया गया है, मेडिकल कॉलेजों में सीटें बढ़ाई गई हैं और आयुष्मान भारत जैसी प्रमुख पहल की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि निजी क्षेत्र की भागीदारी के सार्थक परिणाम मिल रहे हैं; नए मेडिकल कॉलेज खुल रहे हैं, चिकित्सा बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है और गंभीर बीमारियों के इलाज के साथ-साथ अनुसंधान पर भी जोर दिया जा रहा है।
चिकित्सा के क्षेत्र में अनुसंधान के महत्व पर जोर देते हुए श्री बिरला ने अशोका हेल्थ सिटी से अपने ‘मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल’, कैंसर देखभाल और सुपर-स्पेशियलिटी सेवाओं के साथ-साथ अनुसंधान और नवाचार सुविधाएं उपलब्ध कराने का आह्वान किया।
उन्होंने इस बात पर बल दिया कि चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों और संस्थानों को मौजूदा बीमारियों के साथ-साथ नई बीमारियों से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए खुद को तैयार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत को चिकित्सा अनुसंधान और नवाचार में अपनी क्षमताओं को और मजबूत करना होगा।
विज्ञान और स्वास्थ्य सेवा में भारत की बढ़ती क्षमताओं का उल्लेख करते हुए श्री बिरला ने कहा कि एक समय था जब भारत स्वास्थ्य सेवा के कई क्षेत्रों में विकसित देशों पर निर्भर था। परंतु, कोविड-19 महामारी के दौरान, भारतीय वैज्ञानिकों ने वैक्सीन के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया और एक अभूतपूर्व वैश्विक संकट के दौरान मानवता की सेवा की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भविष्य में बीमारियों की रोकथाम प्रभावी ढंग से करने और अनुसंधान, विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए सरकार और निजी क्षेत्र को मिलकर काम करना चाहिए।
श्री बिरला ने विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में अनुसंधान और नवाचार केंद्र स्थापित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। इस बात का उल्लेख करते हुए कि नई बीमारियाँ अप्रत्याशित रूप से उभर सकती हैं और गंभीर चुनौतियाँ पैदा कर सकती हैं, श्री बिरला ने कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ अनुसंधान, नवाचार और वैज्ञानिक क्षमताओं में निवेश भी आवश्यक है।
संस्थान द्वारा प्रदान की जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए श्री बिरला ने कहा कि अशोका हेल्थ सिटी न केवल नासिक बल्कि पूरे उत्तर महाराष्ट्र क्षेत्र को सेवाएं प्रदान कर रहा है। नवनिर्मित मातृ एवं शिशु अस्पताल की बात करते हुए उन्होंने माताओं और बच्चों के कल्याण के लिए समर्पित उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सुविधाओं की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने देश में शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए इस दिशा में प्रयासों को बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए बेहतर अस्पताल और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं आवश्यक हैं। उन्होंने निजी संस्थानों से सामाजिक जिम्मेदारी और जनसेवा की भावना के साथ स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करने का आग्रह किया ताकि उनका लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुंचे।
सरकार और निजी क्षेत्र की पूरक भूमिकाओं के बारे में बात करते हुए श्री बिरला ने कहा कि यह समय की मांग है कि अच्छी और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अशोका हेल्थ सिटी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभरेगा और चिकित्सा अनुसंधान को बढ़ावा देने के साथ-साथ किफायती, और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेगा।
अपना संबोधन समाप्त करते हुए श्री बिरला ने इस बात पर जोर दिया कि चिकित्सा शिक्षा को जनसेवा की भावना से जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों को गाँवों और ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए ताकि देश के सुदूर भागों में रहने वाले लोगों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा पहुँच सके। उन्होंने यह भी कहा कि गंभीर बीमारी की स्थिति में दूर-दराज के क्षेत्रों के लोगों सहित प्रत्येक नागरिक को इलाज मिलना चाहिए।
इस अवसर पर महाराष्ट्र सरकार में खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण मंत्री, श्री छगन भुजबल; राजस्थान सरकार के ऊर्जा मंत्री श्री हीरालाल नागर; संसद सदस्य और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।




