देशभर के वृक्ष मित्रों के साथ संवाद में केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने दिया हरित भारत का संदेश
हरियाली अमावस्या पर होगा देशव्यापी वृक्षारोपण, परंपरा को बनाया जाएगा पेड़ पर्व- श्री शिवराज सिंह चौहान

नई दिल्ली
नई दिल्ली के पूसा परिसर में आयोजित “पर्यावरण संरक्षण संकल्प कार्यक्रम और वृक्ष मित्र संवाद” में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने देशभर से जुड़े लगभग 17 हज़ार वृक्ष मित्रों के बीच पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का बड़ा संकल्प रखा। कार्यक्रम में पद्म भूषण पर्यावरणविद् श्री अनिल जोशी, प्रख्यात चिकित्सक व समाजसेवी डॉ. अनूप हजेला, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट और देश के विभिन्न राज्यों से आए सैकड़ों वृक्ष मित्र प्रत्यक्ष रूप से शामिल हुए जबकि हजारों साथी वर्चुअल माध्यम से जुड़े। सभी ने मिलकर पेड़, पानी, मिट्टी, ऊर्जा बचत और प्लास्टिक मुक्त जीवन को जनभागीदारी से जोड़कर धरती को बचाने का साझा संदेश दिया।
केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने वृक्ष मित्रों से मिले सुझावों और संवाद के आधार पर पर्यावरण संरक्षण को ठोस जनआंदोलन का रूप देने के लिए साफ–सुथरी रूपरेखा सामने रखी। उन्होंने निर्णय लिया कि हर परिवार जन्मदिन, वैवाहिक वर्षगांठ, बच्चों के जन्म, माता–पिता की पुण्य स्मृति जैसे हर अवसर पर पेड़ लगाकर इन्हें “वृक्ष पर्व” में बदलेगा, ताकि धीरे–धीरे यह परंपरा घर–घर की आदत बन जाए। हर वृक्ष मित्र साल में कम से कम एक पेड़ लगाएगा और कम से कम पाँच नए लोगों को इस अभियान से जोड़ने का संकल्प लेगा, जिसकी सार्वजनिक घोषणा सोशल मीडिया पर अपने पोस्ट के माध्यम से की जाएगी ताकि 12 अगस्त की हरियाली अमावस्या तक एक मजबूत नेटवर्क तैयार हो सके। चौहान ने राष्ट्रीय, राज्य, ज़िला, ब्लॉक और गाँव स्तर पर “वृक्ष मित्र परिवार” की समितियाँ बनाकर पूरे अभियान को संगठित ढाँचे में चलाने, इस संरचना का विधिवत रजिस्ट्रेशन कराने और पंचायतों व शहरी निकायों में वृक्षारोपण के लिए निश्चित स्थल चिन्हित करने की बात रखी, जहाँ हर शुभ कार्य और सरकारी योजनाएँ- जैसे प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, लखपति दीदी योजना, कृषि और ग्रामीण विकास विभाग के कार्यक्रम पेड़ लगाकर ही शुरू हों। साथ ही, गोवर्धन पूजा, विश्व पर्यावरण दिवस और हरियाली अमावस्या पर सामूहिक वृक्षारोपण व प्रकृति पूजा, शादी के निमंत्रण पत्रों और धार्मिक–सामाजिक आयोजनों में पेड़ लगाने की अपील, साधु–संतों, सामाजिक नेताओं और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के माध्यम से जनजागरण, वृक्ष मित्र परिवार का अलग लोगो व डिजिटल पोर्टल और ऐसा सामाजिक वातावरण बनाने का संकल्प भी लिया गया जिसमें पेड़ न लगाना लोगों के लिए शर्म और पेड़ लगाना प्रगवृक्ष मित्र जनआंदोलन से धरती बचाने का संकल्प।
वृक्ष मित्र जनआंदोलन से धरती बचाने का संकल्प
केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने संबोधन की शुरुआत पर्यावरण संकट की गंभीरता पर विस्तार से करते हुए की। उन्होंने साफ कहा कि यह केवल पर्यावरण का प्रश्न नहीं, बल्कि मानव अस्तित्व का संकट है- समुद्र का बढ़ता स्तर, बढ़ती गर्मी, प्रदूषित हवा, खराब पानी और तेजी से खत्म हो रही जैव विविधता आने वाली पीढ़ियों के जीवन पर सीधा खतरा बनकर खड़ी है। उन्होंने दुनियाभर में हो रही घटनाओं और वैज्ञानिक तथ्यों का हवाला देते हुए कहा कि यदि अभी से ठोस कदम नहीं उठाए गए तो 2050 और उसके बाद की तस्वीर बेहद चिंताजनक हो सकती है।तिशीलता और प्रतिष्ठा का हवृक्ष मित्र पाँच नए साथी जोड़ेंगेप्रतीक बन जाए।र साल एक पेड़ लगाने का संकल्प,
वृक्ष मित्र पाँच नए साथी जोड़ेंगेप्रतीक बन जाए।
श्री शिवराज सिंह चौहान ने पूरे कार्यक्रम को सिर्फ भाषण तक सीमित न रखते हुए स्पष्ट कहा कि आज यहाँ से तय करके उठना है कि हम क्या करेंगे। उन्होंने अनेक वृक्ष मित्रों से सुझाव लेते हुए बेहद सीधा और सरल संकल्प रखा- साल में कम से कम एक पेड़ लगाना और कम से कम पाँच नए लोगों को पेड़ लगाने के अभियान से जोड़ना। उन्होंने सुझाव दिया कि कोई भी व्यक्ति अपने जन्मदिन, शादी की सालगिरह, बच्चों के जन्मदिन या माता–पिता की पुण्य स्मृति जैसे अवसरों पर एक पेड़ जरूर लगाए, यही व्यक्तिगत कदम आगे चलकर सामूहिक ताकत बनेंगे। उनके साथ हॉल में मौजूद सभी वृक्ष मित्रों ने इस बारे में संकल्प लिया। श्री चौहान ने कहा कि यही वह ऊर्जा है जो धीरे–धीरे पूरे देश में फैलकर जनआंदोलन बनेगी। उन्होंने वर्चुअल जुड़े साथियों को भी इस संकल्प में शामिल होने के लिए प्रेरित किया और स्पष्ट संदेश दिया कि अगर हर नागरिक साल में एक पेड़ लगाए और पाँच लोगों को प्रेरित करे, तो आने वाले कुछ ही वर्षों में हरित भारत का चित्र बहुत बदल सकता है।




