“ड्रग-फ्री जनपद” थीम पर व्यापक जनजागरूकता अभियान संचालित करने के निर्देश
जनजागरूकता और विभागीय समन्वय पर दिया गया जोर

पिथौरागढ़। जनपद में अवैध मादक पदार्थों की खेती, तस्करी एवं नशे के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार, पिथौरागढ़ में जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई की अध्यक्षता में एनसीओआरडीएवं राजस्व-पुलिस समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में एन.डी.पी.एस. अधिनियम, 1985 के अंतर्गत अफीम, खसखस, पोस्त एवं भांग की अवैध खेती पर रोक लगाने तथा नशे के विरुद्ध समन्वित अभियान चलाने की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद को नशामुक्त बनाने के लिए प्रशासन, पुलिस, सुरक्षा एजेंसियों, विभिन्न विभागों एवं समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि अवैध भांग की खेती, ड्रग्स की तस्करी एवं मादक पदार्थों की गैरकानूनी बिक्री पर सतत निगरानी रखते हुए किसी भी सूचना पर तत्काल एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने विशेष रूप से नेपाल सीमा से लगे संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस एवं सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा नियमित चेकिंग एवं संयुक्त अभियान संचालित करने के निर्देश दिए, जिससे नशे की तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
बैठक में एसओजी इंस्पेक्टर नीरज भाकुनी ने पुलिस द्वारा चलाए जा रहे नशा विरोधी अभियानों की जानकारी देते हुए बताया कि जनपद में सक्रिय नशा तस्करी नेटवर्क के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। हाल के अभियानों में चरस, स्मैक एवं अन्य मादक पदार्थों की बड़ी मात्रा बरामद कर कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि मेडिकल स्टोर्स में प्रतिबंधित एवं नशीली दवाओं की बिक्री पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है तथा प्रिस्क्रिप्शन रिकॉर्ड का नियमित सत्यापन किया जा रहा है। साथ ही आमजन से मानस हेल्पलाइन 1933 का अधिकाधिक उपयोग करने की अपील की गई।
जिलाधिकारी ने कहा कि कृषि योग्य भूमि की कमी वाले कुछ क्षेत्रों में अवैध भांग की खेती की संभावना बनी रहती है। उन्होंने एसडीएम सदर को ऐसे क्षेत्रों का चिन्हीकरण कर अभियान चलाते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्य शिक्षा अधिकारी को सभी विद्यालयों में नशामुक्ति जागरूकता अभियान निरंतर संचालित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि नुक्कड़ नाटक, छात्र-परामर्श, अभिभावक सहभागिता, वाद-विवाद, चित्रकला एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जाए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी को प्रतिबंधित दवाओं की सूची तैयार कर अस्पतालों एवं मेडिकल स्टोर्स को उपलब्ध कराने, नेपाल सीमा से इनकी अवैध आमद पर निगरानी रखने तथा नियमित निरीक्षण अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। जिला समाज कल्याण अधिकारी को युवाओं को नशे से दूर रखने के उद्देश्य से क्रिकेट प्रतियोगिता, बाइक रैली, खेलकूद एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने तथा “ड्रग-फ्री जनपद” थीम पर व्यापक जनजागरूकता अभियान संचालित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही नशामुक्ति केंद्र की स्थापना हेतु भूमि चयन की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने को कहा गया। वन विभाग को वन भूमि पर अवैध भांग अथवा अन्य मादक पदार्थों की खेती पर विशेष निगरानी रखने तथा समय-समय पर संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। बैठक में एसडीएम सदर जितेंद्र वर्मा, चिकित्सा विभाग, आबकारी विभाग, पुलिस विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के समापन पर जिलाधिकारी ने कहा कि नशे के विरुद्ध प्रभावी प्रवर्तन, व्यापक जनजागरूकता और सामाजिक सहभागिता के समन्वित प्रयासों से ही जनपद को नशामुक्त बनाया जा सकता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि अवैध मादक पदार्थों एवं नशे से संबंधित किसी भी सूचना की जानकारी तत्काल पुलिस अथवा मानस हेल्पलाइन 1933 पर दें, ताकि दोषियों के विरुद्ध शीघ्र कार्रवाई की जा सके।




