पड़ोसियों के बीच विवाद : खेल रहे मासूम पर छोड़ दिया कुत्ता
शिकायत पर शहर कोतवाली में आरोपी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज

देहरादून। राजधानी देहरादून के खुड़बुड़ा मोहल्ले में पड़ोसियों के बीच विवाद में आरोप है कि एक महिला ने सड़क पर खेल रहे मासूम पर कुत्ता छोड़ दिया। दहशत में आए मासूम को किसी तरह परिजन बचाकर घर के अंदर ले गए। अशोक सहगल की शिकायत पर शहर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज हुई है। पुलिस को दी शिकायत में खुड़बुड़ा मोहल्ला के रहने वाले अशोक सहगल ने बताया कि एक जून की सुबह उनका आठ वर्षीय बेटा अविरल सहगल गली में खेल रहा था। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाली नीलम श्रीवास्तव ने उस पर अपना कुत्ता छोड़ दिया। कुत्ते के झपटने पर उनकी बेटी तनु सहगल भाई को बचाने पहुंची तो नीलम ने दोनों बच्चों को नाली में धक्का दे दिया और तनु के साथ मारपीट की। शिकायतकर्ता के अनुसार घटना में दोनों बच्चों को चोटें आईं, जिनका मेडिकल भी कराया गया है। आरोप है कि विरोध करने पर नीलम श्रीवास्तव ने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। मोहल्ले के रहने वाले लोगों ने बताया कि महिला के पास कई खूंखार कुत्ते हैं। इनकी वजह से बच्चे दहशत में रहते हैं और कई बार इसकी शिकायत सीएम हेल्पलाइन से लेकर नगर निगम में की गई है। वहीं दूसरे पक्ष की नीलम श्रीवास्तव ने भी पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया है कि अशोक सहगल, उनकी पत्नी सुनैना सहगल और बेटी तनु ने उनके साथ मारपीट की। शहर कोतवाली प्रभारी हरिओम राज चौहान ने बताया कि पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शहर में कुत्तों के उत्पात से लोग पहले से परेशान हैं। वहीं अब लोग इन कुत्तों को हथियार के रूप में भी प्रयोग करने लगे हैं। ताजा मामले में एक महिला ने बच्चों को डराने के लिए उनके पीछे कुत्ता छोड़ दिया। किसी तरह बच्चों ने जान बचाई लेकिन वह गिरकर चोटिल हो गए। बच्चों का कहना है कि कुत्तों वाली आंटी के घर के सामने से निकलने में उनको डर लगता है।
सुप्रीम कोर्ट ने कुत्तों के मामले में कई सख्त आदेश दिए लेकिन धरातल पर न उनका असर दिख रहा है और न ही लोग सबक ले रहे हैं। मोहल्ला खुड़बुड़ा का जो मामला कोतवाली में पंजीकृत हुआ है वह स्थानीय बच्चों के बीच खौफ को तस्दीक करता है। बच्चों का कहना है कि कभी किसी के घर के सामने कुत्तों को खाना खिलाया जाता है तो कभी टहलाया जाता है। इसकी वजह से उनको अब घर के सामने से निकलने में भी डर लगता है। कई बार पूर्व में शिकायत की गई लेकिन इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि, अब जब बच्चों की जान पर बन आई तो एक पीड़ित ने हिम्मत जुटाकर इसकी शिकायत पुलिस को करनी पड़ी।
नगर निगम की ओर से नई डॉग नीति बनाई गई। इसके तहत स्ट्रीट डॉग को पालने पर पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। यही नहीं कुत्तों को बिना पट्टे घुमाना, उनको खुलेआम खाना खिलाना, पंजीकरण नहीं कराने पर जुर्माने की व्यवस्था भी गई है लेकिन उसके बाद भी कुछ लोग इन नियमों को मानने को तैयार नहीं है। हालांकि इसके पीछे निगरानी नहीं होना भी एक वजह है। इस मामले में नगर निगम की ओर से प्राथमिक जानकारी मिली है कि महिला की ओर से किसी भी कुत्ते का पंजीकरण नहीं कराया गया है।




