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कुरकुरे की जिद और डांट का डर : परिजनों की बनी चिंता

चमोली। “कुरकुरे की जिद और डांट का डर : परिजनों की चिंता बनी ज्योतिर्मठ पुलिस की जिम्मेदारी, दो नाबालिग बच्चियों को समय रहते ढूंढ निकाला।
आज सुबह करीब 8:30 बजे, मूल रूप से जिला जुमला, नेपाल के रहने वाले एक परिवार ने कोतवाली ज्योतिर्मठ पहुंचकर सूचना दी कि उनकी दो बेटियां (उम्र 11 वर्ष और 6 वर्ष) कल शाम से लापता हैं। परिजनों ने किसी अनहोनी की आशंका जताते हुए पुलिस से मदद की गुहार लगाई।
मामले की संवेदनशीलता और बच्चियों की उम्र को देखते हुए, वरिष्ठ उपनिरीक्षक विनोद रावत ने बिना समय गंवाए थाने से पुलिस फोर्स साथ ली और परिजनों को ढांढस बंधाते हुए संभावित मार्गों एवं आसपास के क्षेत्रों में तेजी से सर्च ऑपरेशन चलाया गया।पुलिस की सघन खोजबीन का परिणाम यह रहा कि ठीक एक घंटे बाद, सुबह 9:30 बजे दोनों बच्चियों को पंचवटी से मारवाड़ी जाने वाले पैदल रास्ते पर सकुशल बरामद कर लिया गया।
जब महिला कांस्टेबल ने बच्चियों को पुचकारा और उनसे गायब होने का कारण पूछा, तो चौंकाने वाली बात सामने आई। बच्चियों ने बताया कि:”कल शाम उन्होंने कुरकुरे खाए थे, जिसके बाद उन्हें डर लगा कि घर जाने पर माता-पिता डांटेंगे। इसी डर की वजह से वे घर के पास पार्किंग में खड़ी एक गाड़ी के पीछे छुप गई थीं और रात वहीं बिताई।”
पुलिस टीम ने केवल बच्चियों को बरामद ही नहीं किया, बल्कि महिला कांस्टेबल के माध्यम से उनकी और उनके परिजनों की काउंसलिंग भी की। बच्चियों को समझाया गया कि डर के कारण घर से भागना खतरनाक हो सकता है, वहीं परिजनों को भी बच्चों के साथ प्यार और समझदारी से पेश आने की सलाह दी गई। अपनी लाडलियों को सुरक्षित पाकर परिजनों ने चमोली पुलिस का तहे दिल से शुक्रिया अदा किया।

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