उत्तराखंडधर्म-संस्कृति

“बर्फबारी हो या कठिन राह, मंगसीर माह में बदरीनाथ की परंपरा निभाना नहीं भूलते भक्त”

बदरीनाथ धाम में मंगसीर (नवंबर) माह की एक पूजा की धार्मिक परंपरा है। अत्यधिक बर्फबारी होने पर भी यह परंपरा निभाई जाती है।


बदरीनाथ मंदिर के कपाट बंद होने के बाद विभिन्न धार्मिक परंपराओं का निर्वहन होता है। इन परंपराओं में एक है बदरीनाथ की मंगसीर (नवंबर) माह की पूजा। बदरीनाथ मंदिर में मंगसीर माह की पूजा संपन्न होने के बाद चारों ओर से धाम के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। अत्यधिक बर्फबारी होने के बाद भी मंगसीर माह की पूजा की परंपरा संपन्न की जाती है।

इस वर्ष मंगसीर माह की संक्रांति 16 नवंबर को है जिस कारण मंदिर के कपाट बंद होने की तिथि भी इसके बाद की तय की गई है। बदरीनाथ मंदिर के कपाट खुलने की तिथि वसंत पंचमी को और बंद होने की तिथि विजयदशमी को तय की जाती है।
बदरीनाथ मंदिर में पूजा अर्चना छह माह तक की जाती है लेकिन बदरीनाथ के दस्तूर में यह उल्लेख है कि बदरीनाथ भगवान की एक पूजा मंगसीर माह में होने तक मंदिर के कपाट खुले रखे जाते हैं। बदरीनाथ के पूर्व धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल ने बताया कि धाम में मंगसीर (नवंबर) माह की एक पूजा की धार्मिक परंपरा है। अत्यधिक बर्फबारी होने पर भी यह परंपरा निभाई जाती है। मंगसीर माह की पूजा संपन्न होने के बाद मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। यह परंपरा प्राचीनकाल से चली आ रही है।

 

कॉकरोच को भी लगता है भोग

मंदिर में भगवान बदरीनाथ को भोग लगने के साथ ही तप्तकुंड के पास गरुड़ शिला के नीचे काॅकरोच को भी भोग लगाया जाता है। इसके अलावा गाय और पक्षियों को भी भोग अर्पित किया जाता है। यह माना जाता है कि नारायण को भोग लगाने से पहले संसार में हर जीव की तृप्ति होनी चाहिए।

पूर्व धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल बताते हैं कि जब बदरीनाथ मंदिर का निर्माण नहीं हुआ था तब बदरीनाथ भगवान की पूजा तप्तकुंड के समीप गरुड़ शिला स्थित है। शंकराचार्य ने बदरीनाथ की पद्मासन शिला को तप्तकुंड से उठाकर इस शिला के नीचे रख दिया था जहां कॉकरोच रहते थे। मंदिर की स्थापना होने के बाद से ही कॉकरोच को भी प्रतिदिन भोग लगाया जाता है। इस भोग प्रक्रिया का मंदिर के दस्तूर में भी उल्लेख है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Notice: ob_end_flush(): failed to send buffer of zlib output compression (1) in /home/u661627757/domains/apniavaj.com/public_html/wp-includes/functions.php on line 5464

Notice: ob_end_flush(): failed to send buffer of zlib output compression (1) in /home/u661627757/domains/apniavaj.com/public_html/wp-includes/functions.php on line 5464