उत्तराखंड समाचार

अंतर मंत्रालय केंद्रीय टीम ने राज्य के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का किया स्थलीय निरीक्षण

यूएसडीएमए में अधिकारियों के साथ की बैठक

देहरादून, 08 सितम्बर। राज्य में अतिवृष्टि एवं भूस्खलन जैसी आपदाओं से प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने के लिए अंतर-मंत्रालय केंद्रीय टीम ने सोमवार को विभिन्न जनपदों का स्थलीय दौरा किया। टीम ने आपदा से उत्पन्न स्थिति का विस्तृत अवलोकन कर प्रभावित लोगों की समस्याओं, क्षति एवं आवश्यक राहत कार्यों का आकलन किया। निरीक्षण से पूर्व टीम ने सुबह यूएसडीएमए स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचकर बैठक की। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने टीम को आपदा से हुई क्षति के बारे में एक प्रस्तुतीकरण दिया। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री सुमन ने बताया कि इस वर्ष पिछले कुछ सालों की तुलना में काफी अधिक बारिश हुई है, इसलिए नुकसान भी काफी ज्यादा हुआ है। राज्य ने धराली तथा थराली जैसी भीषण आपदाओं का सामना किया है। आपदाओं के कारण लोगों की आजीविका को व्यापक स्तर पर प्रभावित किया है। कृषि, बागवानी, व्यापार, पर्यटन, व्यवसाय को काफी ज्यादा नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के जीवन को सामान्य बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं और इस दिशा में केंद्र सरकार द्वारा भरपूर सहयोग प्रदान किया जा रहा है। इस अवसर पर अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन श्री आनंद स्वरूप, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन डीआईजी श्री राजकुमार नेगी, वित्त नियंत्रक श्री अभिषेक कुमार आनंद, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहम्मद ओबेदुल्लाह अंसारी आदि उपस्थित रहे।

पहली टीम पहुंची धराली, लोगों से संवाद किया :- अंतर-मंत्रालय केंद्रीय टीम के एक दल ने सोमवार को उत्तरकाशी जनपद के धराली-हर्षिल के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थलीय निरीक्षण किया। टीम के सदस्य करीब 11 बजे आर्मी हैलीपेड हर्षिल पहुंचे। जिलाधिकारी श्री प्रशांत आर्य ने आपदा से परिसंपत्तियों को हुए नुकसान तथा जन हानि से सम्बंधित आंकड़ों की विस्तृत जानकारी दी गई। टीम द्वारा मुखबा, हर्षिल, धराली के आपदा प्रभावित इलाकों का स्थलीय निरीक्षण किया गया। उन्होंने धराली आपदा में प्रभावित क्षेत्र में कार्यरत स्थानीय अधिकारियों और प्रभावित लोगों से संवाद भी किया। स्थानीय लोगों ने टीम के समक्ष अपनी समस्याएं रखी तथा उनके निराकरण किए जाने का अनुरोध किया। आपदा प्रभावित लोगों ने उनके मकानों, होटलों, बगीचों, फसलों और व्यवसायों सहित विभिन्न परिसंपत्तियों को हुए नुकसान की जानकारी दी तथा टीम से पुनर्वास, रोजगार, पुनर्स्थापन और परिस्थिति क्षतिपूर्ति जल्द उपलब्ध कराने  की मांग की। निरीक्षण के दौरान टीम ने बुनियादी ढांचे की क्षति, सड़कों, पुलों, सार्वजनिक भवनों, बिजली एवं जल आपूर्ति लाइनों को हुए नुकसान के आकलन के साथ साथ कृषि, फसलों, पशुधन और स्थानीय आजीविका के अन्य साधनों को हुए नुकसान का जायजा लिया। टीम लीडर भारत सरकार में संयुक्त सचिव आर. प्रसन्ना ने कहा कि आपदा प्रभावितों के जान-माल को हुए नुकसान की जानकारी स्थानीय प्रशासन के माध्यम से ली जा रही है। टीम प्रभावितों के मकान, आजीविका, जमीनों, फसलों आदि परिसंपत्तियों को हुए नुकसान से संबंधित रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी तथा उसके बाद राहत पैकेज की घोषणा की जाएगी। टीम के अन्य सदस्य निदेशक वित्त शैलेश कुमार, मुख्य अभियंता पंकज सिंह, उपनिदेशक विकास सचान हैं।

दूसरी टीम ने थराली में स्थिति का जायजा लिया

आपदा से हुई क्षति का आकलन करने के उद्देश्य से भारत सरकार की अंतरमंत्रालयीय टीम सोमवार चमोली जनपद के थराली क्षेत्र के दौरे पर पहुंची। टीम द्वारा आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वे के साथ स्थलीय निरीक्षण कर आपदा से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का बारीकी से अध्ययन किया। टीम ने सबसे पहले थराली के चेपड़ो, कोटडीप,इराड़ीबगड़, देवाल के मोपाटा और नंदानगर प्रभावित क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया और साथ ही सड़क मार्ग से भी क्षतिग्रस्त इलाकों का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी श्री संदीप तिवारी ने कुलसारी रिलीफ सेंटर में आयोजित बैठक में पीपीटी के माध्यम से आपदा से हुयी विभागवार परिसंपत्तियों की क्षति की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने चेपड़ो बाजार एवं अन्य आपदा ग्रस्त क्षेत्र में स्थानीय लोगों के आवासों के पीछे हो रहे भूस्खलन के बारे में टीम को विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि लगातार वर्षा एवं भूस्खलन से सड़कों, पुलों, भवनों, पेयजल योजनाओं, विद्युत तंत्र तथा कृषि को भारी क्षति पहुंची है।

क्षेत्र भ्रमण के दौरान टीम ने स्थानीय निवासियों बात भी की। उन्होंने पाया कि वर्षा एवं भूस्खलन से ग्रामीणों की आवागमन सुविधा गंभीर रूप से प्रभावित हुई है तथा कई गाँवों का संपर्क मुख्य मार्ग से पूरी तरह कट गया है। अनेक स्थानों पर मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं और कुछ परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर विस्थापित करना पड़ा है। अंतर मंत्रालय केंद्रीय टीम का नेतृत्व निदेशक डॉ. वीरेन्द्र सिंह ने किया। टीम में अनु सचिव शेर बहादुर, अधीक्षण अभियंता सुधीर कुमार शामिल रहें। डॉ. वीरेन्द्र सिंह ने कहा कि उनके दौरे का मुख्य उद्देश्य आपदा से हुई वास्तविक क्षति का आकलन करना है ताकि भारत सरकार को प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित क्षेत्रों के लिए आवश्यक सहायता एवं पुनर्निर्माण कार्यों की योजना शीघ्र बनाई जा सके।

 

 

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