उत्तराखंड समाचार

ग्यारस के दिन हुई बाबा श्याम की पूजा अर्चना

भक्त इस दिन अन्न ग्रहण नहीं करते और केवल फलाहार करते हैं।

देहरादून। आज ग्यारस एकादशी के दिन बाबा श्याम (खाटू श्याम) की पूजा की गई। सुबह से बड़ी संख्या में भक्त खुडबुडा मौहल्ला स्थित खाटू श्याम मंदिर पहुंचे जहां उन्होंने बाबा के दर्शन किए और पूजा अर्चना की। अनेक भक्तों ने व्रत रखते हुए पूजा-अर्चना की। मान्यता है कि एकादशी के दिन बाबा श्याम की पूजा करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सुख-शांति आती है। एकादशी के दिन खाटू श्याम मंदिर में दर्शन करना बहुत शुभ माना जाता है। वहां, भक्त बाबा श्याम की मूर्ति के सामने अपनी मनोकामनाएं रखते हैं और पूजा-अर्चना करते हैं। एकादशी का व्रत रखने से भी बाबा श्याम की कृपा प्राप्त होती है। भक्त इस दिन अन्न ग्रहण नहीं करते और केवल फलाहार करते हैं।आज ग्यारस के अवसर पर अनेक भक्तों ने अपने घर पर भी, भक्त एकादशी के दिन बाबा श्याम की पूजा की। इसके लिए, वे अपने घर के मंदिर को साफ करके, बाबा श्याम की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करते हैं। फिर, वे धूप, दीप, नैवेद्य, फूल आदि चढ़ाकर बाबा श्याम की आरती करते हैं और भजन-कीर्तन करते हैं। एकादशी के दिन बाबा श्याम के भजन-कीर्तन करना भी बहुत शुभ माना जाता है। भक्त, बाबा श्याम के भजनों को गाकर, उनकी महिमा का गुणगान करते हैं। एकादशी के दिन दान-पुण्य करना भी शुभ माना जाता है। भक्त, गरीबों और जरूरतमंदों को दान देकर, बाबा श्याम का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। एकादशी तिथि, जिसे ग्यारस भी कहा जाता है, भगवान विष्णु को समर्पित है। यह तिथि, विशेष रूप से, फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी, खाटू श्याम जी के भक्तों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। भक्त, एकादशी के दिन बाबा श्याम से अपनी मनोकामनाएं पूरी करने की प्रार्थना करते हैं। मान्यता है कि बाबा श्याम अपने भक्तों की मनोकामनाएं अवश्य पूरी करते हैं।

 

 

 

 

 

 

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