उत्तराखंड समाचार

ग्रामीणों ने पाइप लाइन का काम रुकवाया

न्याय पंचायत लालढांग का पीली पड़ाव गांव हाईवे से करीब सात किलोमीटर दूर जंगल में बसा है।

लालढांग : ग्रामीणों की वर्षों पुरानी मांग के बाद पीली पड़ाव गांव में सड़कों का डामरीकरण हुआ है। लेकिन, अब पेयजल लाइन बिछाने के लिए सड़क को जीसीबी से तुड़वाया जा रहा है। साथ ही सड़क किनारे लगी ईटों को भी गढ्ढे में दबाया जा रहा है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश है। सरकारी धन का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए गावं वालों ने पेयजल लाइन के काम को रुकवा दिया है।

न्याय पंचायत लालढांग का पीली पड़ाव गांव हाईवे से करीब सात किलोमीटर दूर जंगल में बसा है। यही कारण है कि यहां से विकास कोसों दूर रहता है। बारहवीं की शिक्षा ग्रहण करने के बाद उच्च शिक्षा के लिए छात्र-छात्राओं को सात किलोमीटर पैदल हाईवे का रुख करने को मजबूर होना पड़ता है। वर्तमान में हर घर नल, हर घर जल पेयजल योजना के अंतर्गत गांव में प्रत्येक घर को महीने में एक रुपये में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पीली पड़ाव में पेयजल लाइन बिछाने का काम चल रहा है। ग्रामीण शशि झंडवाल, पंकज कुमार, सुनील कुमार ने बताया कि राज्य गठन के बाद से ही इस मार्ग के डामरीकरण की मांग कर रहें हैं, बड़ी मुश्किल से हरिद्वार ग्रामीण विधायक और कैबिनेट मंत्री स्वामी यतिश्वरानंद ने मार्ग का निर्माण कराया था। अब पेयजल लाइन बिछाने के लिए नई सड़क को खोदा जा रहा है। बताया कि जब तक ठेकेदार काम को गुणवत्तापूर्वक नहीं करता तब तक काम नहीं करने दिया जाएगा। एक तो बनी बनाई सड़क जल्द टूट जाएगी, वहीं इसके निर्माण से सड़क किनारे पैदल चलने के लिए बना खंड़जा भी क्षतिग्रस्त हो गया है। वहीं, जल संस्थान के सहायक अभियंता राजेश कुमार चौहान ने बताया कि इस प्रकार का मामला उनके संज्ञान में नहीं है अगर ऐसा है तो यह उचित नहीं है। ठेकेदार को मानकों के अनुसार कार्य करने की हिदायत दी जाएगी।

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