उत्तराखंड समाचार

तिलाड़ी विद्रोह की बरसी पर प्रदेश भर में जनता ने उठाई आवाज़

गांधी पार्क के मेन गेट पर इकट्ठे हो कर प्रदर्शनकारियों ने घंटाघर पर जुलुस निकाला।

देहरादून। आज वन अधिकार के लिए जन संघर्ष तिलाड़ी विद्रोह की याद में प्रदेश भर में जुलुस, प्रदर्शन और संगोष्ठी आयोजित की गई। देहरादून, चमियाला, भवाली, रामगढ़, रामनगर, बागेश्वर, पौड़ी, अल्मोड़ा, थलीसैंण, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, उधम सिंह नगर और अन्य जगहों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। “हमें चाहिए जनता का विकास, न की बुलडोज़र से विनाश” के नारा के साथ राज्य के आंदोलनकारियों, बुद्धिजीवियों, विपक्षी दलों एवं जन संगठनों के आव्हान पर इन कार्यक्रमों द्वारा सरकार की नीतियों पर लोगों ने आक्रोश जताया। देहरादून शहर में सैकड़ों आम लोगों के साथ राज्य के प्रमुख जन आंदोलनों और विपक्षी दलों के प्रतिनिधि शामिल रहे। गांधी पार्क के मेन गेट पर इकट्ठे हो कर प्रदर्शनकारियों ने घंटाघर पर जुलुस निकाला। इन कार्यक्रमों द्वारा लोगों ने आक्रोश जताया कि 92 साल बाद भी जिन हक़ों के लिए तिलाड़ी के शहीदों ने अपनी जान दी, वे आज भी जनता से छीने जा रहे हैं। जुलुस में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव समर भंडारी, उत्तराखंड महिला मंच के कमला पंत, निर्मला बिष्ट, गीता गैरोला एवं समाजवादी पार्टी के राज्य अध्यक्ष डॉ एसएन सचान, चेतना आंदोलन के शंकर गोपाल, रामु सोनी, सुनीता देवी, पप्पू, संजय, राजेंद्र साह, मुकेश उनियाल, अशोक कुमार, रहमत अली, सुवा लाल, विजेंद्र कुमार, और अन्य साथी, सीपीआई(मार्क्सवादी) के राज्य सचिवालय समिति के सदस्य एसएस सजवाण; जन संवाद समिति के सतीश धौलखंडी, सर्वोदय मंडल के बिजू नेगी; भारत ज्ञान विज्ञानं समिति के विजय भट्ट, मुकेश सेमवाल, और अन्य संगठनों के प्रतिनिधि शामिल रहे।

 

 

 

 

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