भव्य नारी संस्कार सम्मेलन “नारी शक्ति, समाज की संस्कृति” का आयोजन
सामाजिक एवं सांस्कृतिक विषयों को अत्यंत सुंदर एवं प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया

संदीप गोयल/एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस
देहरादून। परम पूज्य आर्यिका रत्न 105 श्री पूर्णमति माताजी के पावन दिव्य सान्निध्य में गांधी रोड स्थित जैन धर्मशाला में जैन समाज की विभिन्न महिला मंडलों द्वारा भव्य नारी संस्कार सम्मेलन “नारी शक्ति, समाज की संस्कृति” का आयोजन किया गया। सम्मेलन में नारी शक्ति, संस्कार, धर्म एवं समाज में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को विभिन्न रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कुमारी शैलजा सांसद एवं उत्तराखण्ड कांग्रेस प्रभारी, विशिष्ट अतिथि के रूप में श्रीमती सविता कपूर विधायक, कैंट विधानसभा, तथा गणेश गोदियाल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष उपस्थित रहे। कार्यक्रम में आए हुए सभी अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न संस्थाओं द्वारा लघु नाटिकाओं तथा बैनर प्रस्तुतियों के माध्यम से धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक विषयों को अत्यंत सुंदर एवं प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। प्रत्येक लघु नाटिका लगभग 5 मिनट तथा बैनर प्रस्तुति लगभग 2 मिनट की रही। इस अवसर पर कार्यक्रम की जानकारी देते हुए मीडिया समन्वयक मधु जैन ने बताया कि नारी संस्कार सम्मेलन में बैनर प्रेजेंटेशन एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में विद्या सिंधु बालिका मंडल, जैन मिलन महिला भाग्य ज्योति, माजरा मंदिर, दिगंबर जैन समाज विकासनगर, प्रगति परिवार, जैन मिलन राजुल, एकता एवं महिला मिलन माजरा, वीरांगना मंच शिवालिक, श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर क्लेमेंटाउन, मूकमाटी परिवार, जिनवाणी जागृति मंच तथा प्रभु समर्पण समिति सहित विभिन्न संस्थाओं ने सहभागिता की। प्रस्तुतियों में सती सीता की अग्नि परीक्षा, सोलह सतियां, सोलह शुद्धियां, संस्कार पाठशाला, धर्म में नारी का योगदान, नारी का श्रृंगार, संस्कारी नारी का महत्व, अष्टमंगल द्रव्य, भक्तामर स्तोत्र, आठ कर्म तथा वीरांगना झांसी की रानी , लिव इन रिलेशनशिप जैसे विषयों को मंचित किया गया। सभी प्रस्तुतियां अत्यंत प्रेरणादायक, भावपूर्ण एवं अंतर्मन को स्पर्श करने वाली रहीं। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों एवं श्रद्धालुओं ने प्रस्तुतियों की भरपूर सराहना की तथा आनंदपूर्वक कार्यक्रम का लाभ लिया। इस अवसर पर बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती गीता खन्ना जी तथा हिमाचल टाइम्स की संपादक एवं समाजसेवी श्रीमती इंद्राणी पांधी जी को एवं सभी संस्थाओं का सम्मान से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि नारी केवल परिवार की आधारशिला ही नहीं, बल्कि समाज की संस्कृति एवं संस्कारों की संवाहक भी है। धार्मिक एवं नैतिक संस्कारों से ही समाज को सही दिशा मिल सकती है। परम पूज्य आर्यिका रत्न 105 श्री पूर्णमति माताजी ने अपने मंगल प्रवचन में कहा कि सम्मेलन में प्रस्तुत की गई सभी प्रस्तुतियों से हमें कुछ न कुछ सीख लेकर उसे अपने जीवन में अपनाना चाहिए। जीवन में धार्मिक संस्कारों का होना अत्यंत आवश्यक है। संस्कारों के बिना जीवन निराधार हो जाता है और धर्म ही जीवन का आधार है। धर्म के माध्यम से ही मानव जीवन की नैया पार होती है। संसार में भौतिक वस्तुएं क्षणिक आनंद प्रदान करती हैं, जबकि धर्म आत्मा को कल्याण की ओर ले जाता है तथा मोक्ष मार्ग का रास्ता प्रशस्त करता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में धर्म, संस्कार और सदाचार को स्थान देना चाहिए तथा नारी शक्ति को समाज में संस्कार एवं संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर आगे आना चाहिए। कार्यक्रम का समापन धर्म, संस्कार एवं समाज सेवा के संकल्प के साथ हुआ। इस अवसर पर जैन समाज के सभी पदाधिकारी एवं श्री विद्या समय पूर्ण वर्षायोग समिति के सभी सदस्य, विकासनगर से बड़ी संख्या में आए श्रद्धालुगण आदि से आए लोगों ने सहभागिता की।




