सीएमओ ने किया सीएचसी अगस्त्यमुनि का निरीक्षण
मरीजों से जाना स्वास्थ्य व्यस्थाओं का हाल

रुद्रप्रयाग,19 सितम्बर। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पारुल गोयल ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अगस्त्यमुनि का निरीक्षण कर अस्पताल में संचालित स्वास्थ्य सेवाओं एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने विभिन्न कक्षों एवं स्वास्थ्य सुविधाओं का निरीक्षण करते हुए मरीजों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जन औषधि केंद्र, प्रयोगशाला (लैब), ऑपरेशन थिएटर (ओटी), टीकाकरण कक्ष सहित अन्य महत्वपूर्ण इकाइयों का बारीकी से निरीक्षण करने के साथ चिकित्सालय में भर्ती मरीजों व उनके तीमारदारों से संवाद कर उन्हें प्रदान की जा रही स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में भी जानकारी ली। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बायोमेडिकल वेस्ट के उचित प्रबंधन को लेकर विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल से निकलने वाले जैव चिकित्सा अपशिष्ट का निर्धारित मानकों एवं प्रोटोकॉल के अनुसार पृथक्करण, संग्रहण एवं निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को बायोमेडिकल वेस्ट के सुरक्षित प्रबंधन के प्रति विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए, ताकि अस्पताल परिसर में स्वच्छता के साथ-साथ मरीजों, तीमारदारों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सके। जन औषधि केंद्र के निरीक्षण के दौरान उन्होंने केंद्र में उपलब्ध दवाओं एवं मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली।
उन्होंने निर्देश दिए कि मरीजों को निःशुल्क जांच व दवाएं सुगमता से उपलब्ध हों। प्रयोगशाला (लैब) का निरीक्षण कर जांच सुविधाओं, व्यवस्थाओं एवं साफ-सफाई का जायजा लिया। उन्होंने लैब में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने तथा मरीजों को समय पर जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। ऑपरेशन थिएटर (ओटी) के निरीक्षण के दौरान उन्होंने वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए ओटी को और अधिक व्यवस्थित एवं मानकों के अनुरूप रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन थिएटर में संक्रमण नियंत्रण, स्वच्छता एवं आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया जाए।
निरीक्षण के दौरान टीकाकरण कक्ष की व्यवस्थाएं अपेक्षाकृत असंतोषजनक पाए जाने पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को तत्काल व्यवस्थाओं में सुधार करने तथा टीकाकरण कक्ष को साफ-सुथरा एवं व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टीकाकरण केंद्र पर आने वाले बच्चों एवं अभिभावकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और टीकाकरण की प्रक्रिया सुचारु एवं सुरक्षित तरीके से संचालित हो। उन्होंने अस्पताल के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों का गंभीरता से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए तथा व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार समयबद्ध रूप से किया जाए। इस मौके पर प्रभारी चिकित्सा अधिकारी अक्षिता ममगाईं, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी कुलदीप रावत आदि मौजूद रहे।




