टिहरी स्मृति दिवस पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, विचार गोष्ठी एवं पत्रकार सम्मान समारोह का आयोजन
राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

देहरादून, 02 अगस्त। टिहरी स्मृति एवं विस्थापित एकता मंच द्वारा दून लाइब्रेरी एवं शोध संस्थान, देहरादून के सभागार में टिहरी स्मृति दिवस के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, विचार गोष्ठी एवं पत्रकार सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के आगमन एवं स्वागत के उपरांत दीप प्रज्ज्वलन तथा मंगलाचरण से हुआ। इसके पश्चात अतिथियों का परिचय एवं स्वागत किया गया। मंच की अध्यक्ष श्रीमती विनोद उनियाल ने अध्यक्षीय प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए मंच की वार्षिक गतिविधियों एवं उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
गोष्ठी में शीशपाल गुसाईं, मुनिराम सकलानी, विनोद बहुगुणा एवं जबर सिंह पंवार ने टिहरी के इतिहास, सांस्कृतिक विरासत, विस्थापन की पीड़ा तथा नई पीढ़ी तक टिहरी की स्मृतियों को पहुँचाने की आवश्यकता पर अपने विचार व्यक्त किए। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के अंतर्गत श्रीमती नीता कुकरेती एवं अतुल शर्मा ने भावपूर्ण गीत प्रस्तुत किए। वहीं कैलाश चंद्र ध्यानी ने बांसुरी वादन तथा निकुंज ध्यानी ने तबला वादन प्रस्तुत कर उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले पत्रकारों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. राजेंद्र प्रसाद डोभाल, कुलपति, स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय ने अपने उद्बोधन में टिहरी की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक विरासत को संरक्षित रखने तथा स्मृति दिवस जैसे आयोजनों की निरंतरता बनाए रखने पर बल दिया। कार्यक्रम का सफल संचालन प्राची जुयाल द्वारा किया गया। अंत में श्री विमल स्वरूप बहुगुणा ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
कार्यक्रम में हरिओम पंवार, सरस्वती बगवाड़ी, रक्षा रतूड़ी, सुमन सिंह, सरिता भट्ट, प्रमोद बहुगुणा, राजीव नयन बहुगुणा, बीकेटीसी सदस्य दिनेश डोभाल, आशीष डोभाल, नितिन सहित अनेक गणमान्य नागरिकों एवं बुद्धिजीवियों ने सहभागिता की। उपस्थित सभी लोगों ने भविष्य में भी टिहरी स्मृति दिवस को इसी प्रकार गरिमापूर्ण ढंग से आयोजित करने का संकल्प लिया।




