कभी एक मिनट में तुरंत पासपोर्ट फोटो देने के लिए प्रसिद्ध था ‘झटपट स्टूडियो’
झटपट फोटो नाम होने के कारण कई बार फोटो खतरनाक दिखाई देती थी क्योंकि इन फोटो का उद्देश्य केवल फार्म पर चिपकना ही था।

देहरादून। देहरादून में दर्शन लाल चौक के पास स्थित पुराना ‘झटपट स्टूडियो’ एक मिनट में तुरंत पासपोर्ट फोटो देने के लिए प्रसिद्ध था। आज के समय में शहर में त्वरित और पेशेवर फोटोग्राफी या ऑडियो-वीडियो कार्यों के लिए कई आधुनिक फोटो और फिल्म स्टूडियो उपलब्ध हैं। देहरादून शहर मे को लोग राज्य बनने से पहले निवास कर रहे हैं, उन्होंने दर्शन लाल चौक के निकट स्थित पंचायती मंदिर के बगल में किशन लाल एंड संस मेडिकल के पास सड़क किनारे खड़े इन बड़े लकड़ी के बॉक्स कैमरों को जरूर देखा होगा। उत्तराखंड बनने से भी एक दशक पहले के दौर तक, यहाँ से गुजरने वाले लगभग हर इंसान ने कभी न कभी यहाँ रुककर अपनी फोटो जरूर खिंचवाई होगी। उस जमाने में चाहे कोर्ट-कचहरी और जमीन की रजिस्ट्री का काम हो, या फिर स्कूल-कॉलेज में एडमिशन लेना हो, यहाँ तक कि सरकारी नौकरी का फॉर्म भरना हो हर जगह तुरंत पासपोर्ट साइज फोटो की जरूरत पड़ती ही थी। तब आज की तरह डिजिटल कैमरे नहीं होते थे, और बड़े फोटो स्टूडियो वाले साफ-सुथरी फोटो देने में कई दिनों का समय लगाते थे। ऐसे में दर्शन लाल चौक और लैंसडाउन मार्ग पर बैठने वाले ये फोटोग्राफर्स द्वारा ही कम पैसों में और तुरंत फोटो मिल जाने से छात्रों, ग्रामीणों और नौकरी ढूंढने वाले युवाओं का काम बहुत आसान हो जाता था। इनका काम करने का तरीका भी बड़ा सीधा और देसी था। ट्राइपॉड पर रखा लकड़ी का बक्सा ही इनका कैमरा था और उसी के अंदर इनका छोटा सा डार्करूम भी था। काले कपड़े के अंदर हाथ डालकर, केमिकल और पानी की बाल्टी की मदद से ये कुछ ही मिनटों में ब्लैक एंड व्हाइट फोटो तैयार करके हाथ में थमा देते थे। झटपट फोटो नाम होने के कारण कई बार फोटो खतरनाक दिखाई देती थी क्योंकि इन फोटो का उद्देश्य केवल फार्म पर चिपकना ही था।




