मिसाइल का सफल प्रथम उड़ान परीक्षण
सभी गतिविधियों की निगरानी की और सफल उड़ान परीक्षण में शामिल सभी टीम सदस्यों को बधाई दी।

देहरादून, 24 जुलाई। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने ओडिशा तट से दूर स्थित एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से ‘कुशा’ लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल का पहला सफल उड़ान परीक्षण किया। यह परीक्षण एक इलेक्ट्रॉनिक लक्ष्य के विरुद्ध किया गया था जो उच्च गति और उच्च ऊंचाई वाले हवाई खतरे का अनुकरण कर रहा था, जिसे मिसाइल प्रणाली द्वारा सफलतापूर्वक रोक दिया गया। ‘कुशा’ मिसाइल प्रणाली लड़ाकू विमानों, मिसाइलों, मानवरहित हवाई वाहनों और बड़े दुश्मन विमानों सहित विभिन्न प्रकार के हवाई खतरों को एक विस्तृत रेंज और ऊंचाई के दायरे में निष्क्रिय करने में सक्षम है। मिसाइलों, रडारों, कमान एवं नियंत्रण केंद्र सहित सभी हथियार प्रणाली घटकों को डीआरडीओ की विभिन्न प्रयोगशालाओं और उद्योग भागीदारों द्वारा विकसित किया गया है। रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ‘कुशा’ मिसाइल का सफल परीक्षण भारतीय रक्षा अनुसंधान एवं विकास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो कुछ ही देशों के पास मौजूद लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली विकसित करने की क्षमता को दर्शाता है। उन्होंने आगे कहा कि इससे ऐसी प्रणालियों के लिए आयात पर निर्भरता समाप्त हो जाएगी और देश की वायु रक्षा क्षमता में एक बड़ी छलांग लगेगी। रक्षा सचिव और रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने प्रक्षेपण के दौरान सभी गतिविधियों की निगरानी की और सफल उड़ान परीक्षण में शामिल सभी टीम सदस्यों को बधाई दी।



