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बिहार में कोरोना का दूसरा मरीज

भागलपुर में 65 वर्षीय बुजुर्ग के बाद बेटी भी संक्रमित

भागलपुर, 21 जुलाई । बिहार के भागलपुर में कोरोना संक्रमण का दूसरा मामला सामने आया है। तिलकामांझी थाना क्षेत्र अंतर्गत हटिया रोड निवासी 65 वर्षीय बुजुर्ग की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उनकी बेटी की भी जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। अस्पताल अधीक्षक ने इसकी पुष्टि की है। पिता और बेटी के कोरोना संक्रमित मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, 65 वर्षीय बुजुर्ग पिता और 35 वर्षीय बेटी दोनों संक्रमितों को मायागंज अस्पताल (जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय) में भर्ती कराया गया है। दोनों संक्रमितों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। अस्पताल की रिपोर्ट के मुताबिक, बुजुर्ग बिहार के बांका जिले के रहने वाले हैं। पिछले कुछ दिनों से अपनी बेटी के यहां भागलपुर में रह रहे थे। उनकी तबीयत खराब होने पर उन्हें तिलकामांझी के एक निजी क्लीनिक में भर्ती कराया गया था। 16 जुलाई को तिलकामांझी स्थित एक निजी सैंपल कलेक्शन सेंटर में उनकी आरटी-पीसीआर जांच कराई गई थी, जिसकी रिपोर्ट 18 जुलाई को पॉजिटिव प्राप्त हुई। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संदीप लाल ने बताया कि 30 वर्षीय संक्रमित महिला अपने बुजुर्ग पिता की देखभाल के लिए अस्पताल आ रही थीं। इस दौरान उसमें सर्दी खांसी के लक्षण के बाद 20 जुलाई को उनकी आरटी-पीसीआर टेस्ट कराई गई, जांच में कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
डॉ. संदीप लाल, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज का कहना हैं की ”दोनों संक्रमित मरीजों की हालत स्थिर है, घबराने की जरूरत नहीं है. मेरी अपील है कि अफवाहों पर ध्यान न दें, सिर्फ स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी जानकारी पर भरोसा करें.” –
संक्रमण की पुष्टि के बाद, स्वास्थ्य विभाग बुजुर्ग और उनकी बेटी के संपर्क में आनेवाले लोगों की पहचान करने में जुट गया है. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जरूरत पड़ने पर सभी की कोरोना जांच कराई जाएगी और संक्रमण पर को फैलने से रोका जा सके।
मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. राजकमल चौधरी ने बताया कि मरीज की स्थिति सामान्य एवं स्थिर है और घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में भी आवश्यकतानुसार जांच की जाएगी और मरीज का उपचार निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार किया जा रहा है।
सतर्क रहें, अफवाह या घबराहट का शिकार न हों: इस बीच स्वास्थ्य विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सतर्क रहें, लेकिन किसी प्रकार की अफवाह या घबराहट का शिकार न हों। कोविड-19 संक्रमण से बचाव हेतु निम्नलिखित सावधानियों का पालन करें।
भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें। यदि जाना आवश्यक हो तो सामान्य मास्क का उपयोग करें।
यदि खांसी, जुकाम, गले में खराश, बुखार, शरीर में कमजोरी अथवा अन्य श्वसन संबंधी लक्षण 21 दिनों से अधिक समय तक बने रहें तथा सामान्य उपचार से लाभ न हो, तो तत्काल जेएलएनएमसी, भागलपुर के मेडिसिन ओपीडी अथवा निकटतम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) या जिला अस्पताल में चिकित्सकीय परामर्श लें।
जिन व्यक्तियों की आरटी-पीसीआर रिपोर्ट पॉजिटिव हो तथा उनमें कोई लक्षण न हों, वे चिकित्सकीय सलाह के अनुसार होम क्वारंटीन में रहें।
यदि ऑक्सीजन सैचुरेशन 90 प्रतिशत तक या उससे कम हो जाए, तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
सांस लेने में तकलीफ होने पर इसे गंभीर लक्षण मानते हुए तत्काल अस्पताल में भर्ती होकर आवश्यक जांच एवं उपचार कराएं।
यदि किसी क्षेत्र में कोविड-19 का पॉजिटिव मामला सामने आता है, तो आवश्यकता के अनुसार उस क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग द्वारा सक्रिय निगरानी, संपर्क अनुरेखण तथा आरटी-पीसीआर जांच की जाएगी।
नियमित रूप से मास्क का उपयोग करें, हाथों की स्वच्छता बनाए रखें तथा आवश्यकतानुसार सैनिटाइजर का प्रयोग करें।
स्थ्य विभाग ने यह भी अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को सर्दी, खांसी, बुखार, गले में खराश या सांस लेने में कठिनाई जैसे लक्षण दिखाई दें, तो वे बिना देरी अपने नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराएं। समय पर जांच, उचित उपचार एवं आवश्यक सावधानियां ही संक्रमण की रोकथाम का सबसे प्रभावी उपाय हैं।
स्वास्थ्य विभाग की अपील: जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग ने आम नागरिकों से अपील है कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और न ही अनावश्यक रूप से घबराएं। समय पर जांच, सतर्कता, स्वच्छता, मास्क का उचित उपयोग तथा चिकित्सकीय सलाह का पालन करके कोविड-19 संक्रमण से प्रभावी रूप से बचाव किया जा सकता है।

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