अनहोनी की आशंका पर चमोली पुलिस बनी उम्मीद की किरण
बिहार के युवक को रातोंरात सकुशल तलाश कर परिजनों को सौंपा

चमोली। ‘मैं घर नहीं लौटूंगा’ कहकर फोन किया स्विच ऑफ, अंतिम लोकेशन घांघरिया मिलने पर पुलिस ने दिखाई तत्परता। 07 जुलाई को चौकी घांघरिया प्रभारी उपनिरीक्षक अमनदीप सिंह को बिहार के पटना निवासी द्वारा दूरभाष पर सूचना दी गई कि उनका 26 वर्षीय पुत्र घर से नाराज होकर चला गया है। घर छोड़ने के बाद युवक ने अपने पिता को फोन कर बताया कि वह उत्तराखंड में है और अब घर वापस नहीं आएगा। बातचीत के दौरान उसने ऐसे शब्द भी कहे, जिससे परिजनों को किसी अप्रिय घटना की आशंका होने लगी। इसके तुरंत बाद उसका मोबाइल फोन स्विच ऑफ हो गया। परिजनों द्वारा तकनीकी माध्यमों से प्राप्त जानकारी के अनुसार युवक की अंतिम लोकेशन घांघरिया क्षेत्र में मिली। सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी घांघरिया ने मामले से प्रभारी निरीक्षक गोविंदघाट को अवगत कराया, जिन्होंने इसे अत्यंत संवेदनशील मानते हुए तत्काल पुलिस टीमों का गठन कर व्यापक खोज अभियान शुरू कराया।
पुलिस टीमों ने देर रात तक घांघरिया, गोविंदघाट एवं आसपास के क्षेत्रों के होटल, गेस्ट हाउस, धर्मशालाओं, टेंट, दुकानों तथा अन्य संभावित स्थानों पर गहन तलाश की। प्रत्येक संभावित ठिकाने पर पूछताछ एवं सत्यापन किया गया। कई घंटों तक चले लगातार प्रयासों के बाद पुलिस टीम ने अतुल आनंद को घांघरिया क्षेत्र से सकुशल बरामद कर लिया।
युवक को सुरक्षित कोतवाली गोविंदघाट लाया गया तथा उसकी कुशलता की सूचना तत्काल उसके परिजनों को दी गई। सूचना मिलने पर उसके परिजन बिहार से चमोली पहुंचे। आवश्यक पूछताछ एवं वैधानिक औपचारिकताएं पूर्ण करने के उपरांत युवक को सकुशल उनके सुपुर्द कर दिया गया। अपने बेटे को सुरक्षित देखकर परिजनों ने राहत की सांस ली और चमोली पुलिस की संवेदनशीलता, त्वरित कार्रवाई एवं मानवीय दृष्टिकोण की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए पूरी पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समय पर पुलिस की सक्रियता ने उनकी सबसे बड़ी चिंता को दूर कर दिया।




