आपका शहरउत्तर प्रदेश समाचारखबर हटकरताज़ा ख़बरेंदेशन्यूज़राजधानी दिल्लीसोशल मीडिया वायरल

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में सरकार तटीय सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए संकल्पित है

BoPS में तैनात किए जाने वाले सुरक्षाकर्मियों का डेटाबेस बनाया जाए

नई दिल्ली
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह और केन्द्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जहाजरानी मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने पत्तन सुरक्षा ब्यूरो (BoPS) के गठन में हुई प्रगति की समीक्षा की। इस अवसर पर केन्द्रीय गृह सचिव; आसूचना ब्यूरो के निदेशक; सीमा प्रबंधन सचिव; पत्तन, पोत परिवहन एवं जहाजरानी सचिव; मत्स्यपालन विभाग के सचिव, केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के महानिदेशक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि बंदरगाहों की सुरक्षा में केवल लाइसेंस प्राप्त निजी सुरक्षा एजेंसी ही कार्य करें और सिर्फ ऐसे निजी सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया जाए जिन्हें CISF से प्रशिक्षण प्राप्त हो। उन्होंने पत्तन सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान (PSTI) के लिए वर्तमान में उपलब्ध इंफ्रास्ट्रक्चर में सुरक्षाकर्मियों का प्रशिक्षण जल्द शुरू करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि BoPS में तैनात किए जाने वाले सुरक्षाकर्मियों का एक डेटाबेस बनाया जाए। उन्होंने कहा कि BoPS की सुरक्षा व्यवस्था वाले सभी बंदरगाहों पर कंटेनर स्कैनिंग की व्यवस्था हो। गृह मंत्री ने CISF को देश के बड़े बंदरगाहों, जैसे विशाखापत्तनम पोर्ट, जवाहरलाल नेहरू पोर्ट और मुंद्रा पोर्ट पर जाकर BoPS को सौंपी जाने वाली सुरक्षा का ट्रायल करे।

गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में सरकार तटीय सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए कृतसंकल्प है।

BoPS का गठन Merchant Shipping Act, 2025 की धारा 13 के प्रावधानों के तहत एक वैधानिक निकाय के रूप में किया जा रहा है। ब्यूरो का नेतृत्व एक महानिदेशक करेंगे और यह पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय के अधीन काम करेगा। BoPS जहाजों और बंदरगाहों पर सुविधाओं की सुरक्षा से संबंधित नियामक एवं निरीक्षण कार्यों के लिए उत्तरदायी होगा। BoPS सुरक्षा संबंधी सूचनाओं का समयबद्ध विश्लेषण, संग्रहण और आदान-प्रदान सुनिश्चित करेगा, जिसमें साइबर सुरक्षा पर विशेष ध्यान होगा; इसमें बंदरगाहों की IT अवसंरचना को डिजिटल खतरों से सुरक्षित रखने के लिए डेडिकेटेड प्रभाग भी शामिल होगा।

केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने मत्स्यपालन विभाग के अधिकारियों के साथ भी बैठक की और फिशिंग हार्बर्स और फिश लैन्डिंग सेंटर्स की सुरक्षा के लिए आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ISRO द्वारा विकसित ‘नभमित्र’ ऐप का और प्रचार-प्रसार हो, जिससे अधिक से अधिक संख्या में नाविक इसे अपने मोबाइल में डाउनलोड कर सकें।

गृह मंत्री ने मत्स्यपालन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सभी जिलों के DM और SP को पत्र लिख कर जिले में मौजूद सभी फिश लैन्डिंग सेंटर्स की सूची केन्द्र को भेजने को कहें। उन्होंने कहा कि मत्स्यपालकों के पंजीकरण को आसान बनाया जाना चाहिए। श्री अमित शाह ने कहा कि जिला पुलिस अधीक्षक सुनिश्चित करें कि फिश लैन्डिंग सेंटर्स पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था हो और वहाँ स्थायी पुलिसकर्मियों की ही नियुक्ति हो।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Notice: ob_end_flush(): failed to send buffer of zlib output compression (1) in /home/u661627757/domains/apniavaj.com/public_html/wp-includes/functions.php on line 5464

Notice: ob_end_flush(): failed to send buffer of zlib output compression (1) in /home/u661627757/domains/apniavaj.com/public_html/wp-includes/functions.php on line 5464