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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहली कमर्शियल फ्लाइट पहुँची

एयरपोर्ट से पहले घरेलू मार्गों पर उड़ानें भरी जाएंगी।

हल्द्वानी। आज नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (एनआईए) से कमर्शियल फ्लाइट चलना शुरू हो गईं। एयरपोर्ट ने अपने पहले यात्रियों का स्वागत करते हुए एविएशन सेक्टर में एक ऐतिहासिक क्षण दर्ज किया। इस एयरपोर्ट के साथ ही नेशनल कैपिटल रीज़न और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए एक नए गेटवे की शुरुआत भी हो गई। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सबसे पहली उड़ान इंडिगो ने भरी, जब लखनऊ से आज इसकी फ्लाईट यहाँ पहुँची। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन 28 मार्च, 2026 को प्रधानमंत्री ने किया था। इसके बाद एयरपोर्ट के विस्तृत ऑपरेशनल रेडीनेस, एक्टिवेशन एवं ट्रांजिशन (ओरैट) ट्रायल पूरे किए गए, जिसमें यह प्रमाणित हो गया कि यहाँ के सिस्टम, प्रक्रियाएं और टीमें सुरक्षित, सुगम व प्रभावशाली ऑपरेशंस के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के वाईस चेयरमैन, क्रिस्टोफ श्नेलमैन ने कहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के विकास से जुड़े हर व्यक्ति के लिए आज गर्व का क्षण है। हम अपने फ्लाईट ऑपरेशन और पहले यात्रियों का स्वागत करते हुए बहुत खुशी महसूस कर रहे हैं। हमने शुरू से ही एक ऐसा एयरपोर्ट बनाने पर अपना ध्यान केंद्रित किया है, जो ऑपरेशनल एक्सीलेंस के साथ बेहतरीन ग्राहक अनुभव भी प्रदान करे। आज एयरपोर्ट पर संचालन की शुरुआत से हम बहुत उत्साहित हैं। हम आशा करते हैं कि इस एयरपोर्ट पर ग्राहकों को इस क्षेत्र की हॉस्पिटैलिटी, संस्कृति और विशेषताओं का सहज व सुगम अनुभव प्राप्त होगा।
इस एयरपोर्ट से पहले घरेलू मार्गों पर उड़ानें भरी जाएंगी। अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों का संचालन आने वाले महीनों में किया जाएगा। यात्रियों के लिए आगे का सफर सुविधाजनक बनाने के लिए यहाँ पर उन्हें हर बजट में परिवहन के अनेकों विकल्प उपलब्ध होंगे। इनमें एयरपोर्ट टैक्सी, ऐप संचालित कैब सेवाएं और समर्पित बस रूट शामिल हैं, जो दिल्ली एनसीआर और उत्तर भारत के अन्य प्रमुख शहरों को जोड़ते हैं। इस एयरपोर्ट पर समर्पित कार्गो सुविधाएं भी हैं, जो एयर इंडिया सैट्स (एआईसैट्स) द्वारा विकसित की गई हैं। यहाँ से हर साल 200,000 मीट्रिक टन कार्गो का परिवहन किया जा सकेगा, जिससे बाद में बढ़ाकर 1.5 मिलियन टन तक ले जाया जाएगा। एनआईए के कार्गो हब पर एडवांस्ड डिजिटल सॉल्यूशंस का इस्तेमाल होगा, जिसमें आईएटीए-रिकमेंडेड ई-फ्रेट सिस्टम शामिल है। इससे डॉक्युमेंटेशन स्ट्रीमलाईन होगा, एंड-टू-एंड लाईव ट्रैकिंग संभव हो सकेगी और पेपरलेस कार्गो मूवमेंट में मदद मिलेगी। एयरपोर्ट पर उपलब्ध वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स जोन से ई-कॉमर्स कंपनियों और फ्रेट परिवहन करने वालों को संचालन में फ्लेक्सिबिलिटी मिलेगी। इससे उत्तर भारत में व्यापार और लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम में मजबूती आएगी।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को यात्रा का आसान और इंट्यूटिव अनुभव प्रदान करने के लिए बनाया गया है। यहाँ से यात्री डिजी-यात्रा इनेबल्ड सफर कर सकेंगे। उन्हें फिजिकल डॉक्युमेंट लेकर चलने की जरूरत नहीं होगी। वो सेल्फ सर्विस चेक इन कर सकेंगे और बैग ड्रॉप सुविधाओं का उपयोग कर सकेंगे। उन्हें कई रिटेल और डाईनिंग के विकल्प मिलेंगे, जिनमें ग्लोबल ब्रांड और स्थानीय स्वाद शामिल हैं।
एनआईए के डिज़ाईन में आधुनिक फंक्शनैलिटी और स्थानीय विरासत का बेहतरीन मेल है। यहाँ पर यात्रियों को एक ऐसे एयरपोर्ट का अनुभव मिलेगा, जो इस क्षेत्र की पहचान से जुड़ा है। यहाँ का आर्किटेक्चर उत्तर प्रदेश और भारत से प्रेरित है। टर्मिनल के फोरकोर्ट में सीढ़ियों पर लाईट वाराणसी के घाटों का प्रतीक हैं। सुंदर नक्काशीदार जालियाँ पारंपरिक हवेली का लुक और एहसास प्रदान करती हैं। ऊँची छतें, सिक्योरिटी से बाहर निकलकर एक शांत कोर्टयार्ड और फैली हुई प्राकृतिक रोशनी एक आरामदायक, सुखद और सुकुनभरा वातावरण प्रदान करती है। जगह-जगह स्थापित की गई कलाकृतियाँ और रास्ता बताने के लिए आसान संकेत पूरी यात्रा के अनुभव को और आसान बना देते हैं। पूरे टर्मिनल में कलाकृतियाँ, भरपूर प्राकृतिक रोशनी और लैंडस्केप से यात्रियों को एक ऐसा विशेष अनुभव मिलता है, जो इस क्षेत्र की संस्कृति से जुड़ा हुआ है।
यह एयरपोर्ट अपने पहले चरण में हर साल 12 मिलियन यात्रियों को सेवाएं देगा। एनआईए को एक फ्यूचर-रेडी एविएशन हब के रूप में विकसित किया गया है। इसमें कस्टमर सर्विस, ऑपरेशनल एफिशियंसी, डिजिटल इनोवेशन और सस्टेनेबिलिटी पर ध्यान केंद्रित किया गया है। यह एयरपोर्ट क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ाने, टूरिज्म और व्यापार बढ़ाने तथा दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश औ उत्तर भारत के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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