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जब आस्था के मार्ग पर सांसें थमने लगें, तब सेवा ही सबसे बड़ा संबल बनती है

समय पर मिली सहायता ने एक परिवार की चिंता को राहत में बदल दिया।

देहरादून। श्री केदारनाथ धाम में दर्शन के लिए अपने परिजनों के साथ आए बंगलुरू निवासी 62 वर्षीय श्रद्धालु श्री वेंकटचला गुंडयाना की मंदिर परिसर में अचानक तबीयत बिगड़ गई और उन्हें सांस लेने में कठिनाई होने लगी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मंदिर परिसर में तैनात एसडीआरएफ टीम तत्काल उनकी सहायता के लिए पहुंची। एसडीआरएफ जवानों ने बिना समय गंवाए श्रद्धालु को ऑक्सीजन उपलब्ध कराते हुए प्राथमिक उपचार दिया, जिससे उनकी स्थिति में सुधार हुआ। समय पर मिली सहायता ने एक परिवार की चिंता को राहत में बदल दिया। उत्तराखंड एसडीआरएफ केवल आपदा और दुर्घटनाओं में ही नहीं, बल्कि हर उस क्षण में आपके साथ खड़ी है, जब किसी को सबसे अधिक सहारे की आवश्यकता होती है।

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