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वामपंथी पार्टियों की राजधानी दून में आयोजित हुई बैठक

देश के विभिन्न हिस्सों में चल रहे मजदूर आंदोलन के प्रति जाहिर की एकजुटता

देहरादून, 25 मई। तीन वामपंथी पार्टियों भाकपा, माकपा और भाकपा (माले) की संयुक्त बैठक माकपा राज्य कार्यालय कॉमरेड पूर्ण चन्द्र स्मृति भवन न्यू गांधी ग्राम देहरादून में आयोजित हुई। बैठक में वाम नेताओं ने उत्तराखंड समेत देश के विभिन्न हिस्सों में चल रहे मजदूर आंदोलन के प्रति एकजुटता जाहिर की और केंद्र व विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा मजदूर आंदोलन के दमन की निंदा की। वाम नेताओं ने कहा कि चार लेबर कोड रद्द किये जाने चाहिए, न्यूनतम वेतन छब्बीस हज़ार समेत मजदूरों की सभी वाजिब मांगें मानी जानी चाहिए। वाम नेताओं ने देश में बेतहाशा मंहगाई पर गंभीर चिंता प्रकट की। वाम नेताओं ने कहा कि पिछले दस दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें चार बार बढ़ाई जा चुकी हैं। यह संकट युद्ध से ज्यादा केंद्र की मोदी सरकार के अमेरिका के सामने समर्पण कर देने की वजह से पैदा हुआ है और इसलिए भी कि पूंजीपतियों को दी जाने वाली रियायतें पर केंद्र सरकार, संकट के इस दौर में भी लगाम लगाने को तैयार नहीं है। वाम नेताओं ने कहा कि उत्तराखंड में निरंकुश सत्ता की शह पाकर पुलिस पूरी तरह बेलगाम हो चुकी है। युवा पत्रकार हेम भट्ट के साथ किया गया पुलिसिया सलूक स्वतंत्र पत्रकारिता पर हमला है। इस प्रकरण में संलिप्त पुलिस कर्मियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जानी चाहिए। वाम नेताओं ने कहा कि सतपुली के पंकज कुमार और खैरना के बालम सिंह बिष्ट के आत्महत्या प्रकरण में भी पुलिसिया निरंकुशता साफ़ देखी जा सकती है। इन दोनों मामलों में भी जिम्मेदार पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्यवाही की जानी चाहिए।
उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार अपने चरम पर है। हाल में ही यह तथ्य उद्घाटित हुआ है कि भाजपा नेताओं और उनके परिजनों का चार धाम यात्रा का हजारों रूपए का खर्च, बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति द्वारा वहन किया गया। यह सार्वजनिक धन की खुली लूट है और खूब बोलने वाले मुख्यमंत्री इस पर चुप्पी साधे हुए हैं। वाम नेताओं ने कहा कि प्रदेश में आये दिन सांप्रदायिक उन्माद की घटनाएं हो रही हैं। पिछले दिनों सांप्रदायिक उन्मादी भीड़ ने देहरादून में जिस तरह से सड़क पर आम लोगों से बदसलूकी की, वो निंदनीय है। बिना अनुमति निकाले गए जुलूस में चेहरे स्पष्ट होने के बावजूद पुलिस द्वारा अज्ञात के विरुद्ध मुक़दमा दर्ज करना दिखाता है कि सांप्रदायिक उन्मादी तत्वों को राज्य सरकार का संरक्षण प्राप्त है और पुलिस इसी दबाव में उनपर कार्यवाई करने से बच रही है।
वाम नेताओं ने कहा कि उत्तराखंड समेत पूरे देश में ही संविधान एवं लोकतंत्र के लिए भाजपा द्वारा गंभीर चुनौती पैदा की जा रही है। संविधान व लोकतंत्र की पक्षधर ताकतों और वैकल्पिक राजनीति के सारे पैरोकारों को भाजपा-आरएसएस के नेताओं के साथ मंच साझा करने से परहेज करना चाहिए। भाजपा- आरएसएस के प्रति किसी भी तरह का ढीलापन, संविधान और लोकतंत्र की रक्षा की देशव्यापी लड़ाई को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। बैठक में भाकपा के पूर्व राष्ट्रीय परिषद सदस्य कॉमरेड समर भंडारी, माकपा के राज्य सचिव कॉमरेड राजेन्द्र पुरोहित व केंद्रीय कमेटी सदस्य कॉमरेड राजेन्द्र नेगी तथा भाकपा (माले) के राज्य सचिव इन्द्रेश मैखुरी मौजूद थे।

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