मानव-वन्यजीव सह अस्तित्व हितधारक कार्यशाला आयोजित

रुद्रप्रयाग, 26 फरवरी। वन विभाग के तत्वावधान में मानव-वन्यजीव सह अस्तित्व हितधारक को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य मानव और वन्यजीवों के बीच संघर्ष को कम करना और सह-अस्तित्व को बढ़ावा देना रहा। बृहस्पतिवार को आयोजित उक्त कार्यशाला में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए हितधारकों द्वारा भाग लिया गया। इस कार्यशाला में मानव-वन्यजीव संघर्ष के कारणों और समाधान पर चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि कैसे वन्यजीवों के आवासों के नुकसान और मानव गतिविधियों के विस्तार के कारण यह संघर्ष बढ़ रहा है। उन्होंने वन्यजीवों के संरक्षण और उनके आवासों के पुनर्स्थापन के महत्व पर जोर दिया। कार्यशाला में वन विभाग के अधिकारियों, स्थानीय समुदाय के सदस्यों, और अन्य हितधारकों ने भाग लेते हुए मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने को लेकर सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यशाला में प्रतिभाग करते हुए विधायक रुद्रप्रयाग श्री भरत सिंह चौधरी ने वन विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएँ विज्ञान, मीडिया और समुदायों के बीच की दूरी को कम करने में सहायक होती हैं, जिससे संरक्षण प्रयासों में लोगों की सुरक्षा और विश्वास को भी प्राथमिकता मिलती है। प्रभागीय वनाधिकारी रजत सुमन ने कार्यशाला में प्रतिभाग करने पर सभी को धन्यवाद दिया। साथ ही वन्यजीवों के प्रति जन-धारणा को आकार देने में मीडिया की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार और सूचित कहानी-कथन जागरूकता बढ़ा सकता है, घबराहट कम कर सकता है और सहअस्तित्व को बढ़ावा दे सकता है। इससे पूर्व कार्यशाला में उत्तराखंड के परिदृष्यों में मानव-वन्यजीव संघर्ष के प्रति सूचित सहअस्तित्व को बढ़ावा देने और प्रतिक्रिया तंत्र को सुदृढ़ करने हेतु वन विभागों, संरक्षण संगठनों, मीडिया और स्थानीय समुदायों के बीच सतत सहयोग के महत्व को रेखांकित किया गया। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारियों सहित जन प्रतिनिधि, स्कूली छात्र-छात्राएं, वन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी व बड़ी संख्या में अन्य लोग मौजूद रहे।




