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”अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच” का 08 फ़रवरी को देहरादून में महापंचायत का ऐलान

देहरादून, 15 जनवरी। आज शहीद समारक देहरादून में, अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच की  बैठक में अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी के खुलासे और इसमे वीआईपी को बचाने में संलिप्त लोगों को भी सजा दिलाने की मांग को लेकर 8 फ़रवरी को देहरादून में महापंचायत का ऐलान किया गया। जिसमे देश-प्रदेश से लोग जुटेंगे। मंच की कमला पंत ने कहा कि जब तक ऐसा नहीं होगा तब तक संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी के माता-पिता ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सुप्रीम कोर्ट के सिटींग जज की निगरानी में वीआईपी को मद्देनज़र रखते हुए सीबीआई जाँच की माँग करी थी तब मुख्यमंत्री ने केवल अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जाँच की संतुस्ती करी है, जो दिखाता है कि अभी भी वीआईपी को बचाने का काम किया जा रहा है।

संघर्ष मंच के मोहित डिमरी ने कहा जब अंकिता भंडारी के माता-पिता ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन देकर अंकिता भंडारी हत्याकांड में सिटींग जज की निगरानी में सीबीआई की जाँच की माँग करी थी तो उसे ही एफआईआर मानते हुए सीबीआई जाँच का आधार बनाना था लेकिन उत्तराखंड पुलिस ने अचानक से प्रकट हुए अनिल प्रकाश जोशी की एफआईआर को सीबीआई जाँच का आधार बनाया। इससे साफ़ होता कि सरकार की मंशा सही नहीं है और वो अभी वीआईपी को बचाने के लिए षड़यंत्र रच रही है, अन्यथा ऐसा करने की जरूरत ही क्या थी। मंच की निर्मला बिष्ट ने कहा ये बड़े ताज्जुब की बात है कि जिस उर्मिला सनावर को पुलिस, ख़ुफ़िया विभाग, मुख्यमंत्री तक ढूढ़ नहीं पा रहे थे वो कई दिनों बाद अचानक से दर्शन भारती के साथ दिखती है।

पुलिस को दर्शन भारती के फोन की भी जाँच करनी चाहिए कि वो कितने दिनों से उर्मिला सनावर के संपर्क में था, उसने कैसे उर्मिला सनावर को ढूँढा और उर्मिला सनावर को ढूंढने में उसकी मदद किसने करी। सभा में विभिन्न वक्ताओं ने अपनी बातों और शंकाओं को रखते हुए मंच की ओर से अंकिता भंडारी हत्याकांड में निम्न बातों की माँग रखी अंकिता भंडारी हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में वीआईपी को मद्दे नज़र रखते हुए ही सीबीआई जाँच हो। अंकिता भंडारी के माता-पिता द्वारा मुख्यमंत्री को गए ज्ञापन को ही एफआईआर मानते हुए सीबीआई जाँच का आधार बनाया जाये। अंकिता भंडारी हत्याकांड में उर्मिला सनावर के गायब होने पर उन्हें ढूंढ का लाने का दावा करने वाले दर्शन भारती की भूमिका की भी जाँच की जाय।

अंकिता भंडारी हत्याकांड में सीबीआई जांच के लिए अनिल प्रकाश जोशी की एफआईआर रद्द हो और उनकी भूमिका की भी जाँच हो। अंकिता भंडारी हत्या कांड में वनंतरा रिसोर्ट को ढहाने का आदेश जिसने भी दिया हो इसकी जाँच हो और उसको सबूत मिटाने का अपराधी मानते हुए, उसके विरुद्ध भी कानूनी कार्यवाही करके उसे भी दण्डित किया जाए। बैठक में वक्ता के रूप मे पीसी थपलियाल, सुजाता कौल, पद्मा गुप्ता, संजीव, कमलेश खंतवाल, विमला कोली, आशुतोष कोठारी,  सोनिया आनंद, राजू सिंह, स्मृति नेगी, मनीष,  मंजू बलोदी, तुषार, कृष्णा सकलानी, हेमलता नेगी आदि ने अपने विचार रखे।

 

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