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गिरफ्तारी की मांग को लेकर जिला मुख्यालय पर प्रर्दशन

देहरादून 2 जनवरी। आज उत्तराखण्ड आन्दोलनकारी संयुक्त परिषद के बैनर तले विभिन्न दलों एवं संगठनों के लोगों ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया तथा उपजिलाधिकारी अपूर्वा सिंह को ज्ञापन दिया, उन्होंने आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा अंकिता भण्डारी हत्याकांड में सरकार की भूमिका एवं नफरती राजनीति त्रिपुरा के छात्र एंजिल्स चकमा की हत्या के लिये जिम्मेदार हैं। संयुक्त प्रदर्शन के माध्यम से उत्तराखण्ड की अंकिता भण्डारी हत्याकांड में वीआईपी को संरक्षण देने के लिये राज्य की डबल इंजन सरकार को सीधेतौर पर जिम्मेदार मानते हैं, क्योंकि जिन लोगों के नाम की चर्चा है वे सीधेतौर पर भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से जुड़े हुऐ हैं,

दूसरी तरफ त्रिपुरा के छात्र एग्जिल्स चकमा की हत्या के लिये नफरती राजनीति तथा बिगड़ती कानून व्यवस्था सीधेतौर पर जिम्मेदार है तथा उस पर देहरादून पुलिस द्वारा इस गम्भीर अपराध को आपसी रंजिश बताना शर्मनाक है। पिछले काफी बर्षों से राज्य संरक्षण में अल्पसंख्यकों एवं समाज के कमजोर तबकों पर साम्प्रदायिक हमले एवं जातीय बिध्देष आमबात है। सोशल मीडिया में लगातार चल रहे साम्प्रदायिक बिध्देष की भावना ने नस्लीयता को बढावा दिया जिस कारण छात्र चकमा पर व उनके छोटे भाई पर सरेआम हमला हुआ तथा लोग मूकदर्शक बन रहे। अंकिता एवं छात्र चकमा के मुद्दे पर सरकार एवं सत्तापक्ष तथा राज्य महिला आयोग के‌ वक्तव्य निन्दनीय है। ज्ञापन मे मांग की गई कि अंकिता भण्डारी हत्याकांड के लिये दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की जाये तथा छात्र चकमा के मृत्यु के दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाये तथा नफरती राजनीति पर अंकुश लगायें तथा बिगड़ती कानून व्यवस्था को‌ ठीकठाक किया जाय तथा बाहर से आने वाले छात्र छात्राओं की सुरक्षा की जाऐ।

इस अवसर संयोजक नवनीत गुंसाई, सीपीआईएम सचिव अनन्त आकाश, संयुक्त परिषद जिलाध्यक्ष सुरेशकुमार, प्रवक्ता चिन्तन सकलानी, पूर्व महासचिव राजकुमार जायसवाल, बालेश‌ बवानिया, प्रभात डण्डरियाल, एडवोकेट संजय मिश्रा, राजेश शर्मा, एडवोकेट प्रिंयका रानी, दुर्गा ध्यानी रतूड़ी, विकास रावत, सुशील घिल्डियाल, भुवनेशवरी, धनशयाम, पारूल बिष्ट आदि बड़ी संख्या में लोग शामिल थे।

 

 

 

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