आउटसोर्स कर्मचारियों को हटाने के आदेश से हंगामा
दून मेडिकल कॉलेज में उपनल एवं आउटसोर्स के माध्यम से 235 सफाई कर्मचारी कई वर्षों से कार्यरत हैं।

देहरादून। दून मेडिकल कॉलेज प्रशासन द्वारा 105 आउटसोर्स कर्मचारियों को हटाने के आदेश से हंगामा हो गया। राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष, दर्जा राज्यमंत्री भगवत प्रसाद मकवाना की समीक्षा बैठक में कर्मचारियों ने कॉलेज प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगाते हुए अपनी पीड़ा जताई। श्री मकवाना ने कॉलेज प्रशासन को कड़ी फटकार लगाई और यथास्थिति बनाये रखने के सख्त निर्देश दिये जिसपर कॉलेज प्रशासन ने सहमति जता दी। दून मेडिकल कॉलेज में उपनल एवं आउटसोर्स के माध्यम से 235 सफाई कर्मचारी कई वर्षों से कार्यरत हैं।
कॉलेज की प्राचार्य डॉ गीता जैन ने बजट का अभाव बताते हुए 105 आउटसोर्स कर्मचारियों को हटाने एवं उनकी जगह उपनल कर्मचारियों को समायोजित करने के आदेश के खिलाफ कर्मचारियों ने राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। आयोग के उपाध्यक्ष श्री मकवाना ने सफाई कर्मचारियों की समस्याओं के संबंध में शनिवार को तीसरी बार समीक्षा बैठक की। श्री मकवाना ने नाराजगी जताते हुए कहा कि बेवजह कर्मचारियों को हटाने का निर्णय क्यों लिया गया।
पूर्व में भी कर्मचारियों को कम वेतन, ईपीएफ, ईएसआई की सुविधा न दिये जाने की भी शिकायतें मिली हैं लेकिन संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की गयी। श्री मकवाना ने कर्मचारियों को हटाने सम्बंधी आदेश पर तुरंत रोक लगाने एवं तकनीकी खामी दूर करने के सख्त निर्देश दिए जिसे कॉलेज प्रशासन ने मान लिया। बैठक में डॉ आरएस बिष्ट, डॉ एनएस बिष्ट, डॉ सुशील ओझा, राज्य एससी, एसटी उप योजना समिति के सदस्य जयपाल वाल्मीकि, श्रमिक नेता विशाल बिदलान, राजीव राजौरी, सुनील राजौर, प्रिंस लोहाट के अलावा कर्मचारी राहुल कुमार, विष्णु प्रसाद एवं काफी संख्या में महिला कर्मचारी भी उपस्थित रही।




