उत्तराखंड समाचार

प्रोजेक्ट अविरल ने दिया राष्ट्रपति के समक्ष अपशिष्ट प्रबंधन का उदाहरण

3000 से अधिक व्यक्तियों के इस आयोजन के अंत में सभी स्वयंसेवियों के सहयोग

हरिद्वार: दिव्य सेवा प्रेम मिशन और प्रोजेक्ट अविरल की संयुक्त सहभागिता से मिशन के रजत जयंती समारोह के समापन पर प्रोजेक्ट अविरल की ओर से स्वच्छता का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में नगर निगम हरिद्वार के कर्मचारियों के सहयोग से भोजन व्यवस्था में निकले अपशिष्ट को गीला-सूखा श्रेणियों में अलग कराकर राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और अन्य विशिष्ट अतिथियों के समक्ष स्वच्छता के संदेश को पहुंचाया।

नगर निगम हरिद्वार और अविरल परियोजना साथ मिलकर गंगा को प्लास्टिक अपशिष्ट से मुक्त करने की दिशा में काम कर रहे हैं। इसके अंतर्गत समय-समय पर टीम अविरल की ओर से सफाई अभियान, कूड़ा दान अभियान तथा अन्य जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाते रहते हैं। कार्यक्रम में बनाई गयी व्यवस्था से आने वाले लोगों को सफाई के प्रति जागरूकता तथा कैसे घरों से निकला कूड़ा आगे चलकर गंगा को प्रदूषित कर देता है, इन तथ्यों को बताया गया। इस अभियान में टीम अविरल को मिशन की ओर से संजय चतुर्वेदी, प्रशांत खरे का विशेष सहयोग मिला। मिशन के स्वयंसेवियों के साथ-साथ टीम अविरल को ऋषिकेश की संस्था बिलीव इन स्माइल्स के स्वयंसेवकों का भी सहयोग मिला। 3000 से अधिक व्यक्तियों के इस आयोजन के अंत में सभी स्वयंसेवियों के सहयोग से निकले अपशिष्ट को उचित प्रकार से प्रबंधित किया गया। कार्यक्रम के दौरान लोगों को कूड़े को इधर उधर ना फेंककर उसे कूड़ेदान में ही डालकर सफाई व्यवस्था में सहयोग के लिए भी प्रेरित किया गया। सांसद रमेश पोखरियाल निशंक, जिलाधिकारी विनय शंकर पांडेय और नगर आयुक्त दयानंद सरस्वती आदि अधिकारियों ने ऐसी व्यवस्था हर कार्यक्रम में किए जाने का सुझाव दिया। जिससे भोजन की बर्बादी को रोका जा सके और हमारा परिवेश भी स्वच्छ रह सके। प्रोजेक्ट अविरल अलाएंस टू एंड प्लास्टिक वेस्ट, जीआइजेड तथा साहस एनजीओ के सहयोग से हरिद्वार में संचालित एक पायलट परियोजना है। यह परियोजना मध्य हरिद्वार क्षेत्र में अपशिष्ट प्रबंधन पर जन जागरूकता आदि पर कार्य कर रही है। इस अवसर पर नगर निगम से सफाई निरीक्षक श्रीकांत, सुनीत कुमार, मनोज आदि मौजूद रहे।

 

 

 

 

 

 

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