उत्तराखंड समाचार

पूंजीगत व्यय की प्रगति की समीक्षा

पूंजीगत विकास केदेहरादून 27 नवंबर। अपर मुख्य सचिव वित्त आनन्द बर्द्धन ने वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली सभागार, सचिवालय में पूंजीगत व्यय की प्रगति की समीक्षा की। समीक्षा बैठक में वर्तमान वित्तीय वर्ष में पूंजीगत परिव्यय की वृद्धि, स्पेशल असिस्टेंस्स टू स्टेटस फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट (एसएएससीआई) तथा बजट भाषण में निर्दिष्ट सैचुरेशन बिन्दुओं पर विभाग द्वारा की गई कार्यवाही की समीक्षा की गई। अपर मुख्य सचिव द्वारा पूंजीगत विकास के लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से प्राप्त किये जाने की आवश्यकता को इंगित किया गया। यह अवगत कराया गया कि गत वर्ष की तुलना में 10 प्रतिशत ग्रोथ के साथ समयबद्ध व्यय किये जाने पर भारत सरकार इंसेंटिवाइज (प्रोत्साहन) करती है। राज्य सरकार प्राथमिकता के साथ इंसेंटिव प्राप्त करने के लिए गंभीर है। गत वर्ष में अच्छी पूंजीगत प्रगति के दृष्टिगत 206 करोड़ रूपये भारत सरकार से इंसेटिव के रूप में स्वीकृत किये हैं। इसी क्रम में दिसम्बर तक अपेक्षित प्रगति करने पर इंसेंटिव प्राप्त किये जाने की आशा है। इस हेतु उपस्थित सभी विभागों के अधिकारियों को शीर्ष प्राथमिकता के साथ लक्ष्य प्राप्ति के निर्देश अपर मुख्य सचिव द्वारा दिये गये। बैठक में बजट भाषण में निर्दिष्ट विभागीय लक्ष्य/वचनबद्धता के अनुरूप कार्यवाही करते हुए आगामी बजट भाषण में उनकी compliance अंकित करने के भी निर्देश अपर मुख्य सचिव द्वारा दिये गये। विभिन्न केन्द्र पोषित योजनाओं के अन्तर्गत बेहतर प्रदर्शन करने के लिए निर्देशित किया गया ताकि योजनाओं के लक्ष्यों की प्राप्ति के साथ-साथ केन्द्र सरकार से समुचित अनुदान भी प्राप्त किया जा सके। बाह्य सहायतित परियोजनाओं की वित्तीय,भौतिक प्रगति के साथ साथ रिमबर्समेंट की समीक्षा हेतु पृथक से बैठक करने के निर्देश भी दिये गये। पूंजीगत परियोजनाओं की पी0एम0 गतिशक्ति के माध्यम से अनुश्रवण हेतु आई0टी0डी0ए0 व योजना विभाग से आवश्यक कार्यवाही करने को निर्देशित किया गया। समीक्षा के क्रम में स्पष्ट हुआ कि आज की तिथि तक मात्र लगभग 4415 करोड़ रूपये का पूंजीगत व्यय हुआ है। आगामी दिसम्बर माह तक इसे बढ़ाकर 7000 करोड़ रूपये करने का लक्ष्य दिया गया। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सचिव लोक निर्माण विभाग द्वारा लगभग 300 करोड़ रूपये अतिरिक्त व्यय करते हुए दिसम्बर तक 1000 करोड़ का पूंजीगत व्यय करने, सचिव सिंचाई द्वारा लगभग 400 करोड़ रूपये का अतिरिक्त व्यय करते हुए दिसम्बर माह तक कुल 900 करोड़ के लक्ष्य को प्राप्त करने का आश्वासन दिया गया। सचिव ग्राम्य विकास द्वारा अवगत कराया गया कि अभी तक पीएमजीएसवाई योजना के अन्तर्गत भारत सरकार से दो किस्तें प्राप्त हो गई हैं और दिसम्बर माह तक एक अतिरिक्त किस्त प्राप्त करने का प्रयास किया जाएगा। इसी प्रकार अन्य विभाग जैसे ऊर्जा, शहरी विकास, आवास, पेयजल, तकनीकी शिक्षा, वन, गृह विभाग, परिवहन, पर्यटन, समाज कल्याण, नागरिक उड्डयन, आपदा प्रबन्धन आदि से संबंधित उपस्थित सचिव/अधिकारियों द्वारा पूंजीगत व्यय में तेजी लाने का आश्वासन दिया गया। ऊर्जा सहित अन्य विभागों को मेगा प्रोजेक्ट के लिए Expenditure Plan वित्त विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये। पूंजीगत परिव्यय में वृद्धि करने के लिए नियोजन विभाग को ईएफसी को प्राथमिकता के साथ संपादित करने के निर्देश दिये गये। बैठक में सचिव पेयजल व गृह शैलेश बगोली, सचिव ग्राम्य विकास श्रीमती राधिका झा, सचिव वित्त दिलीप जावलकर, सचिव विद्यालयी शिक्षा रविनाथ रमन, सचिव लोक निर्माण विभाग पंकज पाण्डेय, सचिव सिंचाई राजेश कुमार, सचिव वित्त डॉ. वी षणमुगम, सचिव वित्त, राज्य सम्पत्ति व आपदा प्रबन्धन विनोद कुमार सुमन, अपर सचिव सी. रविशंकर, धीराज सिंह गर्ब्याल, श्रीमती सोनिका, डॉ. इकबाल अहमद, डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे, एनके जोशी, अतर सिंह, सुश्री रंजना राजगुरु, श्रीमती अपूर्वा पाण्डेय, नितिन भदोरिया, श्रीमती पूजा गर्ब्याल, मनमोहन मैनाली सहित विभिन्न विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे। लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से प्राप्त किये जाने की आवश्यकता

देहरादून 27 नवंबर। अपर मुख्य सचिव वित्त आनन्द बर्द्धन ने वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली सभागार, सचिवालय में पूंजीगत व्यय की प्रगति की समीक्षा की। समीक्षा बैठक में वर्तमान वित्तीय वर्ष  में पूंजीगत परिव्यय की वृद्धि, स्पेशल असिस्टेंस्स टू स्टेटस फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट (एसएएससीआई) तथा बजट भाषण में निर्दिष्ट सैचुरेशन बिन्दुओं पर विभाग द्वारा की गई कार्यवाही की समीक्षा की गई। अपर मुख्य सचिव द्वारा पूंजीगत विकास के लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से प्राप्त किये जाने की आवश्यकता को इंगित किया गया। यह अवगत कराया गया कि गत वर्ष की तुलना में 10 प्रतिशत ग्रोथ के साथ समयबद्ध व्यय किये जाने पर भारत सरकार इंसेंटिवाइज (प्रोत्साहन) करती है। राज्य सरकार प्राथमिकता के साथ इंसेंटिव प्राप्त करने के लिए गंभीर है। गत वर्ष में अच्छी पूंजीगत प्रगति के दृष्टिगत 206 करोड़ रूपये भारत सरकार से इंसेटिव के रूप में स्वीकृत किये हैं। इसी क्रम में दिसम्बर तक अपेक्षित प्रगति करने पर इंसेंटिव प्राप्त किये जाने की आशा है। इस हेतु उपस्थित सभी विभागों के अधिकारियों को शीर्ष प्राथमिकता के साथ लक्ष्य प्राप्ति के निर्देश अपर मुख्य सचिव द्वारा दिये गये। बैठक में बजट भाषण में निर्दिष्ट विभागीय लक्ष्य/वचनबद्धता के अनुरूप कार्यवाही करते हुए आगामी बजट भाषण में उनकी compliance अंकित करने के भी निर्देश अपर मुख्य सचिव द्वारा दिये गये। विभिन्न केन्द्र पोषित योजनाओं के अन्तर्गत बेहतर प्रदर्शन करने के लिए निर्देशित किया गया ताकि योजनाओं के लक्ष्यों की प्राप्ति के साथ-साथ केन्द्र सरकार से समुचित अनुदान भी प्राप्त किया जा सके। बाह्य सहायतित परियोजनाओं की वित्तीय,भौतिक प्रगति के साथ साथ रिमबर्समेंट की समीक्षा हेतु पृथक से बैठक करने के निर्देश भी दिये गये। पूंजीगत परियोजनाओं की पी0एम0 गतिशक्ति के माध्यम से अनुश्रवण हेतु आई0टी0डी0ए0 व योजना विभाग से आवश्यक कार्यवाही करने को निर्देशित किया गया। समीक्षा के क्रम में स्पष्ट हुआ कि आज की तिथि तक मात्र लगभग 4415 करोड़ रूपये का पूंजीगत व्यय हुआ है। आगामी दिसम्बर माह तक इसे बढ़ाकर 7000 करोड़ रूपये करने का लक्ष्य दिया गया। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सचिव लोक निर्माण विभाग  द्वारा लगभग 300 करोड़ रूपये अतिरिक्त व्यय करते हुए दिसम्बर तक 1000 करोड़ का पूंजीगत व्यय करने, सचिव सिंचाई द्वारा लगभग 400 करोड़ रूपये का अतिरिक्त व्यय करते हुए दिसम्बर माह तक कुल 900 करोड़ के लक्ष्य को प्राप्त करने का आश्वासन दिया गया। सचिव ग्राम्य विकास द्वारा अवगत कराया गया कि अभी तक पीएमजीएसवाई योजना के अन्तर्गत भारत सरकार से दो किस्तें प्राप्त हो गई हैं और दिसम्बर माह तक एक अतिरिक्त किस्त प्राप्त करने का प्रयास किया जाएगा। इसी प्रकार अन्य विभाग जैसे ऊर्जा, शहरी विकास, आवास, पेयजल, तकनीकी शिक्षा, वन, गृह विभाग, परिवहन, पर्यटन, समाज कल्याण, नागरिक उड्डयन, आपदा प्रबन्धन आदि से संबंधित उपस्थित सचिव/अधिकारियों द्वारा पूंजीगत व्यय में तेजी लाने का आश्वासन दिया गया। ऊर्जा सहित अन्य विभागों को मेगा प्रोजेक्ट के लिए Expenditure Plan वित्त विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये। पूंजीगत परिव्यय में वृद्धि करने के लिए नियोजन विभाग को ईएफसी को प्राथमिकता के साथ संपादित करने के निर्देश दिये गये। बैठक में सचिव पेयजल व गृह शैलेश बगोली, सचिव ग्राम्य विकास श्रीमती राधिका झा, सचिव वित्त दिलीप जावलकर, सचिव विद्यालयी शिक्षा रविनाथ रमन, सचिव लोक निर्माण विभाग पंकज पाण्डेय, सचिव सिंचाई राजेश कुमार, सचिव वित्त डॉ. वी षणमुगम, सचिव वित्त, राज्य सम्पत्ति व आपदा प्रबन्धन विनोद कुमार सुमन, अपर सचिव सी. रविशंकर, धीराज सिंह गर्ब्याल, श्रीमती सोनिका, डॉ. इकबाल अहमद, डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे, एनके जोशी, अतर सिंह, सुश्री रंजना राजगुरु, श्रीमती अपूर्वा पाण्डेय, नितिन भदोरिया, श्रीमती पूजा गर्ब्याल, मनमोहन मैनाली सहित विभिन्न विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।

 

 

 

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