उत्तराखंड समाचार

करनपुर जमीन प्रकरण में नगर निगम के तीन कर्मचारी बर्खास्त

निगम अधिकारियों को जमीन पर कब्जे के प्रयास की जानकारी मिली

देहरादून। करनपुर क्षेत्र में करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन पर कब्जे के लिए जमीन का हाउस टैक्स निजी व्यक्ति के नाम जमा करने के मामले में नगर आयुक्त अभिषेक रूहेला ने तीन कार्मिकों को बर्खास्त कर दिया। तीनों कर्मी आउट-सोर्स के जरिये नगर निगम के हाउस टैक्स अनुभाग में डाटा एंट्री आपरेटर पद पर तैनात थे। वहीं, मामले में टैक्स अनुभाग के उच्चाधिकारियों को बचाने व निम्न कर्मियों की बलि चढ़ाने का आरोप लगाकर गुस्साए नगर निगम कर्मचारी संगठन के पदाधिकारी महापौर सुनील उनियाल गामा से मिले और मामले में जांच समिति की रिपोर्ट पर सवाल उठाए। महापौर ने कर्मचारियों को शांत करा उचित कार्रवाई का भरोसा दिया। इस मामले में गत एक दिसंबर को निगम के सहायक नगर आयुक्त राजेश नैथानी ने शहर कोतवाली में तहरीर दी थी। आरोप है कि रायपुर रोड पर डालनवाला थाने से सटी नगर निगम की करीब चार बीघा जमीन है। आरोप है कि गत नौ नवंबर को उक्त जमीन पर कब्जा करने की नीयत से तारिक अथर नाम के एक व्यक्ति ने 39751 रुपये हाउस टैक्स नगर निगम में जमा करा दिया। इससे रिकार्ड में जमीन तारिक के नाम पंजीकृत हो गई। जब कुछ दिन बाद निगम अधिकारियों को जमीन पर कब्जे के प्रयास की जानकारी मिली तो उन्होंने हाउस टैक्स की फाइल की तलाश की, लेकिन निगम में फाइल ही नहीं मिली।आरोप है कि तारिक ने नगर निगम के किसी डाटा एंट्री आपरेटर के साथ फर्जी तरीके से हाउस टैक्स जमा कराया। निगम ने तभी हाउस टैक्स की एंट्री खारिज करते हुए आरोपितों के विरुद्ध तहरीर दे दी थी। पुलिस ने गत आठ मार्च को ही मामले में मुकदमा दर्ज किया। इससे पूर्व पार्षदों ने तीन मार्च को नगर आयुक्त कक्ष में हंगामा कर इस मामले की रिपोर्ट मांगी थी। पार्षदों के हंगामे के बाद मामले की जांच के लिए नगर आयुक्त की ओर से जांच समिति गठित कर दी गई थी। इसमें अपर नगर आयुक्त जगदीश लाल को अध्यक्ष, वरिष्ठ वित्त अधिकारी भारत चंद्रा और निगम के अधिशासी अभियंता अनूप भटनागर को सदस्य बनाया गया। मामले में निगम के राजस्व अनुभाग से जुड़े कार्मिकों की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही थी। जांच समिति ने मंगलवार को रिपोर्ट नगर आयुक्त को सौंप दी थी। जिसके आधार पर आयुक्त ने डाटा एंट्री आपरेटर उर्मिला, गुफरान और अंकिता को सेवा से बर्खास्त कर दिया। ये तीनों आउट-सोर्स के जरिये काम करते थे। नगर आयुक्त ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर भविष्य में इस प्रकरण में किसी और की भूमिका सामने आई तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

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